16 अगस्त 2022 : बरगदवां चौराहे पर दो साल का एक बच्चा पुलिस को रोते-बिलखते मिला। ट्रैफिक सिपाही अजीत ने बच्चे से माता-पिता का नाम पूछा तो वह कुछ नहीं बता पाया। फिर उन्होंने आईटीएमएस की मदद से एनाउंस कराया। बच्चे का हुलिया व कपड़े बताए गए तो परेशान माता-पिता मिल गए। दो घंटे बाद ही बच्चे को सुपुर्द कर दिया। माता-पिता बरगदवां के ही रहने वाले थे। बच्चा घर से खेलते समय सड़क पर आ गया था।
केस दो
25 नवंबर 2022 : देवरिया के खुखुंदू थाना क्षेत्र के सठियांव निवासी विवेक त्रिपाठी 24 नवंबर को देवरिया से गोरखपुर आए थे। प्राइवेट बस से यूनिवर्सिटी चौराहे पर उतरे थे। इस दौरान उनका पिट्ठू बैग छूट गया। बैग में लैपटॉप व अन्य कीमती सामान मौजूद थे। बृहस्पतिवार रात आठ बजे वह यातायात कार्यालय में आए और इसकी सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने आईटीएमएस की मदद से एनाउंस किया और शुक्रवार को लैपटॉप सहित बैग मिल गया।
केस तीन
अक्तूबर 2022 : सिकरीगंज के पिपरा पांडेय गांव के पास सड़क हादसे में तीन युवक घायल हो गए। तीनों की हालत गंभीर थी। राहगीर अनिल अग्रहरि पहले प्राइवेट वाहन से पास के अस्पताल ले गए, लेकिन उन्हें मेडिकल कॉलेज ले जाने की जरूरत थी। अनिल ने तत्काल आईटीएमएस को इसकी जानकारी दी। नौसड़ से मेडिकल कॉलेज तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया और 13 किलोमीटर की दूरी आठ मिनट में तय की गई। समय से अस्पताल पहुंचने से तीनों की जान बच गई।
नवंबर की सफलता
गुमशुदा की तलाश 12
गुम बैग 98
गायब मोबाइल फोन 5
गायब लैपटॉप 7
एसपी ट्रैफिक डॉ. एमपी सिंह ने कहा कि आईटीएमएस के जरिए ट्रैफिक व्यवस्था के साथ ही लोगों की मदद भी की जा रही है। जैसे कि गुमशुदा व्यक्ति या फिर सामान की जानकारी होती है, उसे आईटीएमएस की मदद से एनाउंस किया जाता है। लोग भी आगे आते हैं और फिर पुलिस को सामान सुपुर्द कर देते हैं। उसके बाद जिसका सामान है, उसे लौटा दिया जाता है।