सहायक औषधि आयुक्त एजाज अहमद ने कहा कि नकली दवाओं के कारोबार पर विभाग की पूरी नजर है। शासन की तरफ से जांच के निर्देश मिले हैं। विभाग को अलर्ट कर दवाओं की तलाश के निर्देश दिए गए हैं। मामले में दवाओं की जांच की जाएगी। अगर जांच में गड़बड़ी मिलती है, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
गोरखपुर जिले के भालोटिया मार्केट में आई कैंसर और विटामिन की दवाओं की जांच होगी। गाजियाबाद में दवा व्यापारी के यहां कैंसररोधी और विटामिन की नकली दवाओं के मिलने के बाद यह फैसला लिया गया है। विभाग को इनपुट मिला है कि भालोटिया मार्केट में भी लखनऊ से दवाएं आई हैं। सूत्रों के मुताबिक, कैंसररोधी दवाओं का काम भालोटिया मार्केट में पांच से सात बड़े व्यापारी करते हैं। ये दवाएं अन्य दवाओं की तुलना में काफी महंगी हैं।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक, गाजियाबाद के ट्रानिका सिटी में 11 नवंबर को करीब पांच करोड़ की नकली दवाएं पकड़ी गई थीं। इस कारोबार में शामिल दवा व्यापारी ने लखनऊ के कारोबारी के यहां दवाएं भेजवाने की बात स्वीकार की है। इन दवाओं में कैंसररोधी दवाओं के साथ विटामिन, हार्ट, किडनी और लिवर के मरीजों से जुड़ी दवाएं भी शामिल हैं।
बताया जा रहा है कि ये दवाएं लखनऊ से पूर्वांचल की सबसे बड़ी दवा की मंडी भालोटिया मार्केट में भी आई हैं, जो अलग-अलग जिलों को भेजी गई हैं। इस जानकारी के बाद विभाग इन दवाओं की जांच का फैसला लिया है। सूत्रों की मानें तो सप्लाई का पूरा ब्योरा विभाग के पास आने वाला है। इसके बाद विभाग संबंधित दवा के बिल व वाउचर का मिलान करेगा। शासन की तरफ से यह भी निर्देश मिला है कि बिना बिल के अगर दवाएं मिलती हैं तो संबंधित दवा व्यापारी के खिलाफ कार्रवाई करें।
पूर्वांचल में भालोटिया मार्केट दवा की सबसे बड़ी मंडी है। यहां से दवाओं की सप्लाई बस्ती, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, कुशीनगर, महराजगंज, बिहार और नेपाल तक होती है। केवल भालोटिया में 700 से अधिक थोक की दुकानें हैं, जहां बड़ी मात्रा में दवाएं मंगाई जाती हैं। यही वजह है कि गोरखपुर में विशेष निगरानी के निर्देश शासन की तरफ से मिले हैं।
बताया जा रहा है कि यह भी निर्देश दिया गया है कि सप्ताह में कम से कम दो दिन अलग-अलग इलाके में मेडिकल स्टोर पर दवाओं की जांच की जाए। इसके बाद विभाग इसकी तैयारी में जुट गया है। बताया जा रहा है कि करीब पांच से सात व्यापारी ऐसे हैं, जो कैंसर की दवाओं का काम करते हैं। इसके अलावा किडनी और हृदय रोग की दवाओं का काम करीब एक दर्जन से अधिक व्यापारी करते हैं।
दो करोड़ की फेंसिडिल कफ सिरप हुआ था बरामद
ड्रग और पुलिस विभाग ने अगस्त में ही दो करोड़ रुपये के फेंसिडिल कफ सिरप की खेप बरामद की थी। मामले में छह लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजवा दिया गया था। नशीली दवाओं की तस्करी के मास्टरमाइंड भालोटिया मार्केट के थोक व्यापारी गुप्ता बुंध थे, जिसके खिलाफ जांच चल रही है। दवाओं की खेप पश्चिम बंगाल, बिहार और पूर्वोत्तर के राज्यों में भेजी जा रही है। इसके अलावा संतकबीरनगर में नशीली दवाओं की बड़ी खेप बरामद हुई थी।
इस मामले में गुप्ता ब्रदर्स के साथ आगरा के दो व्यापारी भाइयों समेत 10 लोगों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है। इसके अलावा पिछले साल महराजगंज के भारत-नेपाल के सोनौली बॉर्डर से करोड़ों रुपये की नकली दवाएं बरामद की गई थीं। इसमें भी कई व्यापारी जेल गए थे। इस दौरान भी भालोटिया मार्केट के कई दवा व्यापारियों का नाम सामने आया था।
सहायक औषधि आयुक्त एजाज अहमद ने कहा कि नकली दवाओं के कारोबार पर विभाग की पूरी नजर है। शासन की तरफ से जांच के निर्देश मिले हैं। विभाग को अलर्ट कर दवाओं की तलाश के निर्देश दिए गए हैं। मामले में दवाओं की जांच की जाएगी। अगर जांच में गड़बड़ी मिलती है, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।