कुसुम की हत्या के आरोपी में पकड़े गए आरोपी।
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गोरखपुर के सिकरीगंज में पिटाई से लहूलुहान मां को देखकर 10 साल का बेटा चीख रहा था, वह बार-बार आरोपियों के सामने गुहार लगा रहा था कि उसकी मां को छोड़ दे, लेकिन किसी को तरस नहीं आया और न ही कोई बचाने के लिए आगे आया। एक रिश्तेदार के पहुंचने के बाद घायल अस्पताल पहुंचे और शायद इसी देरी की वजह से मां कुसुम की मौत हो गई। मां को याद कर वह बेसुध हो जा रहा है।
सोमवार को भी मां की चिता देखकर मासूम दहाड़े मारने लगा था। पिता किसी तरह से उसे संभाल रहे हैं तो रिश्तेदार उसे दूसरी बातों में उलझा कर शांत कराए, लेकिन वह सिर्फ मां को ही खोज कर बेसुध हो जा रहा था। उसकी हालत देखकर सबकी आंखें नम हो गईं थीं।
जानकारी के मुताबिक,10 साल के बेटे सचिन के साथ ही पहले वारदात की कोशिश की गई और फिर उसे बचाने के लिए आई मां कुसुम और बाबा रामजी पर हमलावर लाठियां बरसाने लगे। आरोपियों ने जिस तरह से हमला किया उससे उनका मकसद साफ था कि मौत के घाट ही उतारना है।
हद तो यह है कि मारपीट होता देख कोई बचाव के लिए आगे नहीं आया और न ही किसी ने पुलिस को सूचना दी। किसी तरह घायल राम जी ने ही अपने दामाद को घटना की जानकारी दी और फिर पुलिस को सूचना मिली। पुलिस ने केस दर्ज कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन मां की मौत से बेटा सदमे में है, उसे किसी तरह से उसकी बुआ संभाल रही हैं।