अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) गोरखपुर में ऑपरेशन के दौरान मरीजों और डॉक्टरों को संक्रमण से बचाने के लिए हेपा फिल्टर लगाए गए हैं। ये फिल्टर ओटी के वातावरण में फैलने वाले वायरस और बैक्टिरिया को हवा से छानकर अलग कर देते हैं। इससे किसी भी प्रकार के संक्रमण का प्रसार रुकता है। कोविड महामारी को ध्यान में रखते ये फिल्टर ओटी में लगाए गए हैं।
ये फिल्टर ऑपरेशन के दौरान ओटी में मौजूद खतरनाक बैक्टीरिया और वायरस को ओटी से बाहर भी जाने से रोकते हैं। साथ ही बाहर से कोई भी वायरस ऑपरेशन थियेटर में नहीं प्रवेश कर पाता है। इससे मरीज और डॉक्टर दोनों ही सुरक्षित रहेंगे।
कोविड महामारी को देखते हुए एम्स में बने ओटी को पूरी तरह से आधुनिक तौर पर बनाया गया है। माड्यूलर ओटी में हर तरह की सुविधाएं भी दी गईं हैं। एम्स प्रशासन, ऑपरेशन में संक्रमण के खतरे को कम करने के लिए, हर ओटी को भी विसंक्रमित कराएगा। इसके लिए माइक्रोबायोलॉजी विभाग को जिम्मेदारी दी गई है। ओटी को विसंक्रमित करने के दौरान उसे तीन दिन सील रखा जाएगा। इससे पूर्व ऑपरेशन थिएटर की दीवार के कोने में खतरनाक बैक्टीरिया या वायरस के मौजूदगी की जांच भी की जाएगी।
एम्स की कार्यकारी निदेशक डॉ. सुरेखा किशोर ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम को लेकर एम्स पूरी तरह से तैयार है। एम्स में 14 मॉड्यूलर ओटी और 300 बेड बनकर तैयार हो गए हैं। सभी ओटी में आधुनिक उपकरण लगे हैं। इनके विसंक्रमित करने की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। चरणबद्ध तरीके से ओटी का संचालन शुरू किया जाएगा। मौजूदा समय में आयुष विंग में बने सामान्य ओटी में ही ऑपरेशन हो रहा है। लोकार्पण के बाद नए ओटी में ऑपरेशन होंगे।