भारत-नेपाल सीमा सोनौली बॉर्डर से करीब दो सौ भारतीय मजदूरों को नेपाल रूपनदेही जिला प्रशासन की अनुमति के बाद नेपाल में प्रवेश मिला। इसके साथ ही बिना अनुमति के सरहद पर पहुंचे दर्जनों भारतीय मजदूरों को प्रवेश की अनुमति नहीं मिली।
कोरोना महामारी के बाद करीब सात माह के पश्चात नेपाल के कारखाने अब चलने शुरू हो गए हैं। जिस कारण भारतीय मजदूरों की मांग बढ़ गई है। बुधवार की दोपहर नेपाल के फैक्ट्रियों में मजदूरी करने के लिए अनुमति लेकर सोनौली सीमा पर पहुंचे करीब 200 भारतीय मजदूरों को नेपाल में प्रवेश मिला।
जिन्हें नेपाल की पुलिस ने सुरक्षा के बीच उन्हें गंतव्य तक पहुंचा दिया। इसके साथ ही बगैर अनुमति के सीमा पर पहुंचे करीब 30 भारतीय मजदूरों को वापस किया गया।
चौकी प्रभारी सोनौली अशोक कुमार ने बताया कि सीमेंट फैक्ट्री के लिए 200 की संख्या में सीमा पर पहुंचे भारतीय मजदूरों को नेपाल भेज दिया गया। जबकि करीब 30 मजदूर जो बगहा बिहार से पहुंचे थे। उनके पास नेपाल प्रवेश के लिए अनुमति नहीं थी।
सभी अपने ठेकेदार के साथ वापस अपने घरो को लौट गए। इस संबंध में इंस्पेक्टर बेलहिया ईश्वरी अधिकारी ने बताया जिन भारतीय मजदूरों के पास जिलाधिकारी रूपनदेही द्वारा जारी अनुमति पत्र था। उन्हें नेपाल में प्रवेश दिया गया है।