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Gorakhpur News: मर चुके ताऊजी, विवेचना में जिंदा मिले, अब 'डीएनए' करेगा फैसला- तय होगा 'असली' हैं या 'नकली'

Wed, 10 Jul 2024 11:40 AM IST
रोहित सिंह अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर

सार

खोराबार के छितौना गांव के 77 साल के एक बुजुर्ग को अपनी पहचान साबित करने के लिए डीएनए टेस्ट कराना होगा। पुलिस इसकी तैयारी कर रही है। उनके सामने यह संकट उसके भतीजे के कारण आया है। क्याेंकि भतीजे के अनुसार, उसके चाचा 50 साल पहले घर से गायब हो गए थे फिर नहीं लौटे। अब अचानक जो व्यक्ति उसका चाचा बनकर सामने आया है वह उसका चाचा नहीं है। गलत व्यक्ति को उसका चाचा बनाकर भू माफिया ने 30 डिसमिल जमीन अपनी पत्नी के नाम लिखवा ली है।
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सीओ कैंट अंशिका वर्मा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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खोराबार के छितौना गांव के 77 साल के एक बुजुर्ग को अपनी पहचान साबित करने के लिए डीएनए टेस्ट कराना होगा। पुलिस इसकी तैयारी कर रही है। उनके सामने यह संकट उसके भतीजे के कारण आया है। क्याेंकि भतीजे के अनुसार, उसके चाचा 50 साल पहले घर से गायब हो गए थे फिर नहीं लौटे।

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अब अचानक जो व्यक्ति उसका चाचा बनकर सामने आया है वह उसका चाचा नहीं है। गलत व्यक्ति को उसका चाचा बनाकर भू माफिया ने 30 डिसमिल जमीन अपनी पत्नी के नाम लिखवा ली है। भतीजे की तहरीर पर जब पुलिस ने जांच की तो पांच महीने बाद पुलिस ने भी माना कि जमीन बैनामा करने वाला व्यक्ति सही है। पर भतीजा इसे मान नहीं रहा। इसलिए अब डीएनए टेस्ट से पहचान कराई जाएगी।

 

DNA - फोटो : अमर उजाला
खोराबार पुलिस ने छितौना गांव निवासी रामसरन की तहरीर गांव के ही राम सिंह निषाद, उसकी पत्नी गुड्डी और रामसरन का चाचा रामकेवल बनकर जमीन लिखने वाले कौड़ीराम निवासी बुजुर्ग रामकवल पर केस दर्ज किया था। रामसरन का आरोप है कि दिसंबर 2023 में चोरी से जमीन का बैनामा कराया गया।

इसका पता चलने पर उसने सात फरवरी को केस दर्ज कराया। पांच माह से इस मामले की जांच चल रही है। पुलिस विवेचना में नया मोड़ सामने आया है कि रामकवल ही रामकेवल है। इसके बाद से ही पीड़ित ने दौड़भाग शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि कई रिश्तेदारों ने रामकवल को ही रामकेवल बताया है।

रामकवल द्वारा एक ही फोटो से बनवाए गए आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर आईडी कार्ड की जांच चल रही है। आधार कार्ड में किन-किन कागजों का इस्तेमाल किया गया है। इसकी जानकारी दिल्ली से जुटाई जा रही है।


 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Amar Ujala
क्षेत्र के छितौना गांव निवासी रामसरन का आरोप है कि रामकवल को गांव का कोई व्यक्ति नहीं पहचानता है। कुछ लोगों को लालच देकर पहचान के लिए तैयार किया गया है। जिस व्यक्ति को खड़ा कर जमीन लिखवाई गई है, उसकी पहचान कौड़ीराम गजपुर निवासी रामकवल पुत्र रामकिशुन के रूप में हुई है।

इसके आधार कार्ड समेत अन्य कागजात पर पिता का नाम विपत लिखा हुआ है। ये सारी साजिश भू माफिया द्वारा रची गई है। कुछ रुपये की लालच देकर बुजुर्ग को साजिश में शामिल किया गया है। आरोप है कि भू माफिया ने पहले पत्नी के नाम जमीन लिखवाई, फिर उसे टुकड़ों में अन्य लोगों को बेच रहा है। पुलिस की जांच में सही बातें सामने आ जाएंगी।

सीओ कैंट अंशिका वर्मा ने बताया कि ये काफी अलग तरह का मामला है। पुलिस इसमें हर पहलुओं की जांच कर रही है। इसलिए अभी तक इसकी विवेचना पूरी नहीं हो पाई है। रामकवल के आधार कार्ड और अन्य कागजों की जांच कराई जा रही है।
 
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