पकड़ी गई महिलाएं, ये किन्नर बन घरों में लूट करने जाती थी
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कैंपियरगंज के अमरहवा में किन्नर बन एक घर में लूटपाट करने वाली महिलाओं ने पकड़े जाने के बाद कई राज उगले हैं। महिलाओं ने पुलिस को बताया कि जिनके घर बच्चे होते हैं, उनके घर किन्नर बनकर नेग मांगने पहुंचती हैं। इसके लिए पहले वे किसी भी इलाके में घूम कर रेकी करती हैं। जिन घरों की छतों पर नवजात बच्चों के कपड़े टंगे होते थे, उसे निशाना बनाती थीं।
रविवार को अमरहवा निवासी सूर्यप्रताप यादव के घर की महिलाओं से लूटपाट कर भागते समय पुलिस ने अंबेडकर नगर की सहाना, शाहजहां, गाजीपुर की हुस्नबानो, अफसाना और आजमगढ़ के मुबारकपुर की खुशबू व उसके पति दिलशाद को पकड़ा था।
दिलशाद कार चलाता था। इन्होंने भागते समय दुस्साहसिक तरीके से पीपीगंज में पुलिस के ऊपर गाड़ी चढ़ाने का भी प्रयास किया था। एसपी उत्तरी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि महिलाओं का यह गैंग काफी दिनों से लूटपाट कर रहा था।
गोरखपुर में पहली लूट, पहली बार ही पकड़ी गईं
किन्नर बन कर लूट करने वाली महिलाओं के इस गैंग की गोरखपुर में पहली घटना थी। इसके पहले यह दूसरे जिलों में कई वारदात कर चुकी थी, लेकिन गोरखपुर में लूट के बाद भागने के दौरान ये पुलिस के हत्थे चढ़ गईं।
क्या है मामला
कैंपियरगंज के अमरहवा निवासी सूर्य प्रताप यादव के घर कुछ दिन पहले कार्यक्रम था। रविवार सुबह कार से पाचं महिलाएं और एक पुरुष पहुंचे और किन्नर बताकर नेग मांगने लगे। नेग ज्यादा मांगने पर सूर्यप्रताप के घर की महिलाओं ने आपत्ति जताई तो वे नाराज हो गए।
इसके बाद घर की महिलाओं के गले से दो मंगलसूत्र, कान की दो बाली और सोने के दो सिकड़ लूट लिए। शोर सुनकर परिजन व आसपास के लोग पहुंचे तो सभी कार से पीपीगंज की तरफ भागने लगे। कैंपियरगंज पुलिस की सूचना पर पीपीगंज पुलिस प्रभा हाल तिराहे पर घेराबंदी कर कार समेत सभी को गिरफ्तार किया।