कुष्ठ रोग और कालाजार बीमारी को खत्म करने में आईएमए स्वास्थ्य विभाग का सहयोग करेगा। इस संबंध में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के तकनीकी सहयोग से विभाग ने आईएमए के पदाधिकारियों और सदस्यों संग शहर के एक निजी होटल में बैठक की है।
सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय ने बताया कि दिव्यांग कुष्ठ रोगियों को जीवन भर 2500 रुपये की मासिक पेंशन देने के साथ निशुल्क इलाज व पुनर्वास की सुविधा है। जिले में इस समय कुष्ठ के 172 सक्रिय रोगी हैं। निजी क्षेत्र में इलाज कराने पर कुष्ठ रोगी को 2500-3000 रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं।
इसी तरह कालाजार के मरीज निजी क्षेत्र में इलाज करवाने के लिए डेढ़ से दो लाख तक खर्च करते हैं जबकि जिला अस्पताल में इसका निशुल्क इलाज किया जाता है। सरकारी अस्पताल में इलाज करवाने पर कालाजार के सामान्य मरीज को 500 रुपये और चमड़ी वाले कालाजार (पीकेडीएल) मरीज को 4000 रुपये उसके खाते में दिए जाते हैं।
आईएमए अध्यक्ष डॉ मंगलेश कुमार श्रीवास्तव व सचिव वीएन अग्रवाल ने स्वास्थ्य विभाग को आश्वस्त किया कि ऐसे मरीजों को सरकारी अस्पताल तक पहुंचाने और सरकारी सहायता दिलवाने में उन लोगों की तरफ से पूरा सहयोग किया जाएगा। इस अवसर पर जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. नीरज कुमार पांडेय, उप जिला कुष्ठ रोग अधिकारी डॉ. अनिल कुमार सिंह, एपिडेमोलाजिस्ट डॉ एसके द्विवेदी, कुष्ठ रोग विभाग के कंसल्टेंट डॉ. भोला गुप्ता और डॉ. आसिफ और आईएमए के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।