आईसीएमआर के प्लानिंग कोआर्डिनेटर व आरएमआरसी के निदेशक डॉ रजनीकांत ने बताया कि अमेरिका के कुछ विशेषज्ञों ने इस पर शोध शुरू किए हैं। अब तक स्पष्ट नतीजों की जानकारी नहीं मिली है। लेकिन यह बात सामने आई है कि एक विशेष ब्लड ग्रुप पर वायरस का असर ज्यादा रहा है। उसी आधार पर आईसीएमआर इसे लेकर शोध करेगा। इससे पता लगेगा कि आखिर वायरस का असर किन ब्लड ग्रुप के लोगों पर ज्यादा रहा है।
सोशल मीडिया पर घूमते रहे हैं फर्जी न्यूज
डॉ रजनीकांत ने बताया कि अब तक किस ब्लड ग्रुप पर कोरोना असर ज्यादा रहा है कि इस पर देश भर में कोई शोध नहीं हुए हैं। ऐसे में सोशल मीडिया की खबरों से सावधान रहने की हिदायत दी है। बताया कि ऐसे आकड़े किसी भी संस्थान के पास नहीं है।
आईसीएमआर के निदेशक डॉ रजनीकांत ने कहा कि किस ब्लड ग्रुप कोरोना का असर ज्यादा रहा है। इस पर आईसीएमआर शोध करेगा। पूर्वांचल में आरएमआरसी मरीजों का ब्योरा इकट्ठा करेगा।