होली की तैयारियों को पुलिस और प्रशासन ने अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। बुधवार को डीएम के विजयेंद्र पांडियन ने बताया कि 10 मार्च को होली के दिन दोपहर एक बजे तक ही रंग खेलने की अनुमति होगी। एक बजे नागरिक सुरक्षा कोर के लोग उनके क्षेत्र में सायरन बजाकर रंग खेलने के समय समाप्ति की घोषणा करेंगे।
वहीं होली में इस बार जिले में 3015 होलिकाएं जलाई जाएंगी और कुल 22 जुलूस निकलेंगे। इस दौरान सुरक्षा के लिए चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात रहेगी। होली के दिन घंटाघर से निकलने वाले जुलूस की विशेष निगरानी की जाएगी। होली पर जिले में कोई अप्रिय घटना न हो इसके लिए एडीजी कार्यालय से दो एएसपी, पांच डीएसपी, छह कंपनी पीएसी और 300 पुलिसकर्मियों के रूप में अतिरिक्त फोर्स दी गई है। इसके अलावा शहर में जिले के करीब 1100 पुलिसकर्मी भी सुरक्षा की कमान संभालेंगे। ड्रोन और सीसीटीवी के जरिए निगरानी भी कराई जाएगी।
पांच वर्षों में हुए विवाद की सूची भी बनी
एडीजी जोन कार्यालय से मिले आंकड़े के अनुसार इस बार गोरखपुर जिले में 3015 जगहों पर होलिका दहन का आयोजन होगा। वहीं होली के दिन कुल 21 जुलूस निकाले जाएंगे। अकेले शहर में आठ जुलूस निकाले जाएंगे। राजघाट, पिपराइच, गुलरिहा, झंगहा, पीपीगंज, बड़हलगंज में निकलने वाले जुलूस के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने के लिए पुलिस ने बीते पांच वर्षों में होली के दौरान हुए विवादों की सूची भी बनाई है। इसमें वर्ष 2015 में गोरखनाथ के रसूलपुर में मटकी फोड़ने को लेकर हुआ विवाद, तिवारीपुर के माधोपुर मे दो पक्षों में मारपीट और पथराव की घटना, खोराबार के रजही में होली के दिन मारपीट और फायरिंग, वर्ष 2016 में सिकरीगंज इलाके में सम्मत जलाने को लेकर मारपीट और पथराव, वर्ष 2017 में होलिका दहन को लेकर विवाद, वर्ष 2018 में गगहा में होली खेलने को लेकर मारपीट, बांसगांव में आंबेडकर प्रतिमा तोड़ने को लेकर हुआ विवाद आदि प्रमुख रूप से शामिल है। सूची में पिछले पांच वर्ष में बीस से ज्यादा विवाद सामने आए हैं। पुलिस इन सभी इलाकों में विशेष चौकसी बरतेगी।
होली की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अतिरिक्त फोर्स दी गई है। विवाद वाले स्थानों की सूची बनाकर चिह्नित किया गया है। जहां विशेष सर्तकता बरती जाएगी। त्योहार में खलल डालने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।
- दावा शेरपा, एडीजी जोन