आमजन महायोजना 2031 की बारीकियों को समझ सके, इसे लेकर गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने हेल्प डेस्क गठित करने का निर्णय किया है। यह हेल्प डेस्क प्राधिकरण कार्यालय के द्वितीय तल पर स्थित सहयुक्त नगर नियोजक कार्यालय में स्थापित की जाएगी। यहां शिफ्टवार कर्मचारी मौजूद रहेंगे, जो लोगों को महायोजना से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराएंगे।
दरअसल, जीडीए की वेबसाइट और सहयुक्त नगर नियोजक कार्यालय में लगी प्रदर्शनी से बहुत से लोग यह समझ ही नहीं लगा पा रहे हैं कि महायोजना 2031 के प्रारूप में उनके भू-खंड की स्थिति क्या है। दोनों ही जगहों पर मानचित्र के जरिए ही महायोजना का प्रारूप दर्शाया गया है।
प्राधिकरण की तरफ से प्रकाशित बुकलेट से भी यह पता लगा पाना मुश्किल हो रहा है कि शहर के भीतर या बाहर किसी तय कॉलोनी या गांव का संबंधित आराजी नंबर को भू-खंड का भू-प्रयोग नई महायोजना के प्रारूप में क्या दर्ज किया गया है।
शायद यही वजह है कि प्रारूप के सार्वजनिक होने के सप्ताह भर के भीतर सिर्फ 98 आपत्तियां ही दर्ज कराई गईं हैं। इस संबंध में जीडीए उपाध्यक्ष के पास कुछ शिकायतें पहुंची तो उन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए सहयुक्त नगर नियोजक कार्यालय में हेल्प डेस्क का गठन करने का निर्देश दिया।
साथ ही यह व्यवस्था भी बनाई है कि कोई भी व्यक्ति अपने भूखंड की स्थिति जांचने के लिए राजस्व अभिलेखों में दर्ज राजस्व गांव का नाम और भूखंड का आराजी नंबर बताए तो उसे पूरी जानकारी मुहैया कराई जाए। वहीं, महायोजना की आपत्तियों को लेकर नया ई-मेल जारी किया गया है। यह ई-मेल वेबसाइट पर महायोजना 2031 के साथ लिंक है। दूर-दराज के लोग ई-मेल के जरिए अपनी आपत्तियां दाखिल कर सकते हैं। टाउन प्लानर हितेश ने बताया कि लोग gmp2031@gmail.com पर अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।