सिर पर हेलमेट होने के बाद भी एक हजार रुपये के चालान का संदेश लोगों को बेचैन कर देता है। फिर वह यातायात पुलिस की गलती से कटे चालान को खत्म कराने के लिए दौड़ते हैं। यातायात कार्यालय पर प्रार्थनापत्र देकर जांच के बाद ऐसे चालान माफ तो कर दिए जाते हैं, लेकिन इसके लिए आप को दौड़ना भी पड़ेगा। जिस चालान में फोटो है तो फिर भी आसान है, अगर किसी चालान में फोटो लोड नहीं किया गया तो फिर साबित कर पाना ही मुश्किल हो जाता है। इस तरह के मामले अब तेजी से सामने आ रहे हैं।
केस एक
असुरन के पास रहने वाले दिलीप पांडेय का तीन महीने पहले बिना हेलमेट का चालान कट गया। संदेश आने पर वह आश्चर्य में पड़ गए। क्योंकि वह रोजाना हेलमेट लगाते हैं। चालान का फोटो सामने आया तो उसमें वह साफ-साफ हेलमेट लगाए दिख रहे थे। फिर वह यातायात कार्यालय गए और उनका चालान माफ किया गया।
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केस दो
रुस्तमपुर निवासी उमाशंकर के मोबाइल फोन पर 16 मई को चालान कटने का संदेश आया। उन्होंने जब चालान को डाउनलोड किया तो फोटो में हेलमेट लगाए नजर आ रहे थे। वह भी इसकी शिकायत लेकर ट्रैफिक कार्यालय गए थे, लेकिन कोई मिला नहीं। उमाशंकर बताते हैं कि उन्होंने लोक अदालत में इसे खत्म कराया।
केस तीन
कौड़ीराम निवासी गुड्डू मद्धेशिया ने अचानक तीन दिन पहले अपना मोबाइल फोन से चेक किया तो देखा 25 मार्च को असुरन में उनकी बाइक के नंबर प्लेट पर 5000 का चालान हो गया है जबकि बाइक पर नवंबर में ही एचएसआरपी नंबर प्लेट लग गया था। चालान पर लगी फोटो में एचएसआरपी नंबर प्लेट नहीं लगा हुआ है।
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