स्वास्थ्य मंत्री जयप्रताप सिंह की गाड़ी बुधवार को संभागीय परिवहन कार्यालय की ओर मुड़ी तो लोगों लगा कि वह कार्यालय का निरीक्षण करने के लिए आ रहे हैं। फिर क्या कर्मचारियों ने दौड़-भाग शुरू कर दी। उनके कार्यालय में दाखिल होने के बाद हर तरफ सब सुव्यवस्थित हो गया।
सिद्धार्थनगर जिले में स्वास्थ्य मंत्री जयप्रताप सिंह बुधवार को पत्नी के साथ एआरटीओ कार्यालय पहुंचे। उनकी गाड़ी को कार्यालय की ओर बढ़ते देखकर कर्मचारी इधर से उधर दौड़-भाग करने लगे। मगर बाद में पता चला की ड्राइविंग लाइसेंस का नवीनीकरण कराने के लिए आए हैं तो लोगों ने राहत की सांस ली। कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद वह कार्यालय से निकल गए।
विज्ञापन
स्वास्थ्य मंत्री जयप्रताप सिंह की गाड़ी बुधवार को संभागीय परिवहन कार्यालय की ओर मुड़ी तो लोगों लगा कि वह कार्यालय का निरीक्षण करने के लिए आ रहे हैं। फिर क्या कर्मचारियों ने दौड़-भाग शुरू कर दी। उनके कार्यालय में दाखिल होने के बाद हर तरफ सब सुव्यवस्थित हो गया।
एआरटीओ से उन्होंने बताया कि लाइसेंस की समय सीमा पांच दिन बाद समाप्त हो रही है। लाइसेंस का नवीनीकरण होना है। उनके साथ उनकी पत्नी वसुंधरा का भी लाइसेंस नवीनीकरण होना है। नियम के तहत दोनों लोगों ने बारी-बारी से बॉयोमेट्रिक प्रक्रिया पूरी करते हुए नवीनीकरण कराया।
विज्ञापन
स्वास्थ्य मंत्री ने एआरटीओ से कार्यों के बारे में जानकारी ली। हालांकि, उन्होंने वहां निरीक्षण नहीं किया और फिर कार्यालय से निकल गए। उनके जाने के बाद कार्यालय में काम करने वालों ने राहत की सांस ली। कहीं न कहीं उन्हें डर बना था कि मंत्री उनके पास पहुंचकर कुछ पूछ ने लें। एआरटीओ आशुतोष कुमार शुक्ल ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री लाइसेंस का नवीनीकरण कराने के लिए आए थे। तिथि समाप्त होने वाली थी।