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कोरोना: रोज के आंकड़ों में 48 पोर्टल पर अपडेट हुईं 126 मौतें, जानिए क्या है पूरा मामला

Fri, 25 Jun 2021 10:56 AM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना से एक से 23 जून के बीच हुई मौतों को अपडेट किया तो आया बड़ा अंतर।
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कोरोना वायरस - फोटो : PTI
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विस्तार
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गोरखपुर जिले में कोरोना से मौतों के रोज जारी होने वाले आंकड़ों और पोर्टल पर अपलोड किए गए डाटा में बड़ा अंतर सामने आया है। विभाग ने एक से 23 जून के बीच रोजोना मौतों की जो संख्या जारी की उनके मुताबिक सिर्फ 48 लोगों की मौत कोरोना से हुई है। वहीं जब विभाग ने इस डाटा को पोर्टल पर अपलोड किया तो यह संख्या 126 हो गई है।
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जानकारी के मुताबिक जिले में कोरोना की पहली और दूसरी लहर को मिलाकर 24 जून तक कुल 841 संक्रमितों की मौत हो चुकी है। जबकि, संक्रमित हुए लोगों की संख्या 59258 है। वर्तमान में इनमें से महज 97 केस एक्टिव हैं। इन सबके बीच विभाग ने मौतों का जो आंकड़ा पोर्टल पर अपलोड किया है, वह चौंकाने वाला है। 

विभाग ने एक जून से लेकर 24 जून के बीच 126 मौतों को धीरे-धीरे पोर्टल पर अपलोड कर दिया। इसमें किसी दिन दो मौतें तो किसी दिन 21 मौतें अपलोड की गई हैं। जबकि विभाग इन 23 दिनों के बीच प्रतिदिन कोरोना का जो आंकड़ा जारी किया, उसके मुताबिक इन दिनों में जिले में केवल 48 मौतें ही हुई हैं। 
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विभागीय सूत्रों का कहना है कि उच्चस्तरीय बैठक के बाद धीरे-धीरे मौत के आंकड़े पोर्टल पर सार्वजनिक किए जा रहे हैं। साथ ही शासन स्तर पर सभी सीएमओ को कोरोना से मरने वालों की संख्या का ऑडिट शुरू करने को भी कहा गया है। 

विभागीय आंकड़ों की बात करें तो एक जून को संक्रमितों की संख्या 58918 थी, जबकि मृतकों की संख्या 715 जारी की गई थी। इसी दिन विभाग ने आठ मौतें भी दर्शाई थीं लेकिन इसके अगले दिन मौतों की संख्या 723 कर दी गई। जबकि मौतों की संख्या चार दर्शाई गईं। 

तीन जून को पांच मौतों की संख्या बताई गई, जबकि पोर्टल एक ही दिन में 21 मौतों को अपलोड करते हुए संख्या 744 बताई गई। यह खेल केवल तीन दिनों तक नहीं चला, बल्कि लगातार एक जून के बाद अब तक चलता आ रहा है।
 
सीएमओ डॉ सुधाकर पांडेय ने बताया कि जिस तरह से मौतें हुई है उसी अनुसार पोर्टल पर मृतकों का डाटा अपलोड किया जा रहा है। निजी अस्पतालों से लेकर बीआरडी तक में मौतें हुई है। ऐसे में डाटा अपलोड करने में कुछ वक्त लगा है। इसकी वजह से संख्या बढ़ती जा रही है। जितनी भी मौतें हुई है। उसकी ऑडिट भी बीआरडी के साथ मिलकर की जा रही है।
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