पिता-पुत्र ने विकास नारायण सिंह को सड़क के किनारे एक भूखंड को अपना बताते उसे बेचने की बात कही। पिता-पुत्र ने विकास नारायण सिंह से 50 लाख में सौदा तय कर 21 लाख 80 हजार रुपये अग्रिम भुगतान ले लिया। शेष रकम बैनामे के दिन देना तय हुआ। कुछ माह बाद जब विकास नारायण ने भूमि का बैनामा करने के लिए पिता-पुत्र से कहा तो दोनों टालमटोल करने लगे।
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इस बीच किसी ने विकास नारायण को बताया कि उक्त भूमि दूसरे की है। पिता-पुत्र इसी तरह का झांसा देते लोगों से ठगी करते रहते हैं। यह सुनते ही विकास नारायण सिंह के होश उड़ गए। उन्होंने बांसगांव पुलिस को तहरीर दी, पुलिस ने केस दर्ज कर अशोक गोस्वामी को गिरफ्तार कर लिया।