बीआरडी मेडिकल कॉलेज को सिद्धार्थनगर और देवरिया में बन रहे मेडिकल कॉलेज का नोडल बनाया गया है। यही वजह है कि दोनों जगहों के एमबीबीएस की सीटों का प्रस्ताव बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने भेजी है। दोनों जिलों में मेडिकल कॉलेज बन जाने के बाद से बीआरडी मेडिकल कॉलेज का भी भार काफी कम होगा, क्योंकि बस्ती में पहले से मेडिकल कॉलेज है। देवरिया व सिद्धार्थनगर में भी खुल जाने से नेपाल, बिहार के मरीज इन दोनों मेडिकल कॉलेजों में जा सकेंगे। इसके अलावा बलरामपुर और श्रावस्ती के मरीजों के लिए भी सिद्धार्थनगर मेडिकल कॉलेज आने-जाने में आसानी हो जाएगी।
स्टाफ के लिए सहमति जता चुका है एनएमसी
इससे पूर्व बीआरडी मेडिकल कॉलेज ने दोनों मेडिकल कॉलेजों में शिक्षक-चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती का प्रस्ताव नेशनल मेडिकल कमीशन को भेजा था। इस पर नेशनल मेडिकल कमीशन ने सहमति भी जता दी है। अब केवल सीटों पर फैसला होना बाकी है। इसके बाद से नए सत्र से दोनों मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू कर दी जाएगी।
यह होगी कॉलेजों में संख्या (दोनों मेडिकल कॉलेजों में यही संख्या रहेगी)
100- एमबीबीएस सीट
51 शिक्षक-चिकित्सक
24 सीनियर रेजीडेंट
50 जूनियर रेजीडेंट
218 नर्स
300 चतुर्थ श्रेणी कार्मचारी (आउट सोर्सिंग)
बीआरडी मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने कहा कि सिद्धार्थनगर और देवरिया मेडिकल कॉलेज मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में हैं। दोनों जगहों पर तेजी से काम हो रहे हैं। एमबीबीएस की 100-100 सीटों की मंजूरी शासन से मिल चुकी है। अब एनएमसी से सहमति मिलनी बाकी है। उम्मीद जताई जा रही है कि जनवरी या फरवरी माह में एनएमसी से मंजूरी मिल जाए। इसके बाद से 2021-22 सत्र से एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू कर दी जाएगी।