मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सॉलिड वेस्ट का उचित प्रबंधन न होने से लोग कूड़ा यहां-वहां फेंक देते हैं। शहर के इंट्री पॉइंट पर कूड़े के ढेर के दर्शन होते हैं। अब ऐसा प्लांट लगने जा रहा है जहां कूड़े से चारकोल और सीएनजी का उत्पादन होगा। इससे शहर में प्रवेश करते ही कूड़ा नहीं दिखेगा और बाहर से आने वाले लोगों के मन में अच्छा संदेश जाएगा। एनटीपीसी, नगर निगम और सरकारी भवनों पर सोलर पैनल भी लगवाएगा। इससे सोलर सिटी के रूप में भी गोरखपुर की पहचान बनेगी।
मुख्यमंत्री रविवार को नगर निगम परिसर में आयोजित समारोह में 303 विकास कार्यों के शिलान्यास व लोकार्पण के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। सीएम ने शारदीय नवरात्र के पहले दिन गोरखपुर महानगर को 233.20 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी। इस दौरान उनके समक्ष नगर निगम एवं नेशनल थर्मल पॉवर कॉरपोरेशन के बीच कूड़े से चारकोल बनाने का प्लांट स्थापित करने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) का आदान-प्रदान भी हुआ।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि एनटीपीसी के कूड़े से चारकोल, सीएनजी उत्पादन वाले प्लांट से नगर निगम को 25 सालों में 600 करोड़ रुपये की बचत होगी। इस रुपये का उपयोग विकास के कार्यों में होगा। 500 टन प्रतिदिन कूड़े की जरूरत वाले प्लांट से नगर निगम के साथ ही जिले की तमाम नगर पंचायतों के कूड़े का भी समुचित निस्तारण हो जाएगा। गोरखपुर साफ और सुंदर दिखेगा तो लोगों के मन में नागरिकों के प्रति सम्मान का भाव बढ़ेगा।