ऐसे मौसम से बच के रहना जरूरी
जनरल फिजिशियन डॉ. राजेश कुमार बताते हैं कि ऐसा सर्द मौसम जल्दी बीमार बनाता है। बुजुर्गों, अस्थमा, उच्च रक्तचाप और हृदय रोगियों को सुबह-शाम टहलने से परहेज करना चाहिए। शरीर को गर्म रखने के लिए कमरे में हल्के व्यायाम कर सकते हैं। ऐसे मौसम में खाने पर भी ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि शारीरिक गतिविधि कम होने के कारण मधुमेह और उच्च रक्तचाप के बढ़ने का खतरा अधिक होता है।
बंद कमरे में न जलाएं अंगीठी
सर्दी से बचने के लिए आमतौर पर लोग अंगीठी या अलाव जलाते हैं। ऐसा करते वक्त यह ध्यान रहे कि इसे खुली जगह पर ही जलाएं। बंद कमरे में अंगीठी जलाने से कार्बन मोनो ऑक्साइड एकत्रित हो जाएगा, जिससे दम घुट सकता है। इसके अलावा अगर ब्लोअर या हीटर कमरे में चला रहे हैं तो इस बात का ध्यान रहे कि कोई न कोई खिड़की जरूर खुली रहे। क्योंकि कमरे की हवा ब्लोअर के चलते गर्म होती जाती है। अगर कमरा चारों तरफ से बंद होगा तो सांस लेने में दिक्कत आ सकती है।
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पूरे दिन ठंड से बचने का विकल्प तलाशते रहे, शाम को गलन और बढ़ी
सर्दी का सितम मंगलवार को भी कम नहीं हुआ। सुबह से ही सर्द हवाओं और गलन के चलते लोगों की दिनचर्या प्रभावित रही। दिन भर लोग सर्दी से बचने का उपाय खोजते रहे। शाम को हवा और गलन और बढ़ गई। अभी चार दिन तक इसी तरह से मौसम के बने रहने की संभावना है।
साइबेरिया की तरफ से चली सर्द हवाओं ने तापमान को एकदम से नीचे गिरा दिया। बीते शनिवार को न्यूनतम पारा 4.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। यह इस सीजन की सबसे सर्द रात थी। रविवार और सोमवार को भी ठंड में राहत मिलने की आसार नहीं दिखे। लोगों को उम्मीद थी कि मकर संक्रांति के दिन से मौसम बदलेगा, लेकिन ठीक उसके उल्टा हुआ।
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सोमवार को ठंड के चलते पूरे दिन लोग कांपते रहे। मंगलवार की सुबह भी अत्यधिक सर्दी का एहसास हो रहा था। हालांकि भोर में न्यूनतम तापमान 8.9 दर्ज किया गया, लेकिन इससे ठंड से राहत नहीं मिली। दिन में एक बार अधिकतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा। कुछ बादल कम हुए और लगा कि जल्दी ही धूप निकलेगी। लेकिन कुछ ही देर बाद मौसम फिर पलट गया। देर शाम ठंड व गलन और बढ़ गई।