गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन के निर्माण के लिए निर्धारित समय सीमा पूरी होने के बाद भी निर्माण कार्य अब भी अधूरा है। विभाग के जिम्मेदारों का कहना है कि आमी क्षेत्र में पुल निर्माण कार्य की वजह से विलंब हो रहा है, इसे मार्च तक पूरा करा लिया जाएगा। वहीं, बड़हलगंज के पास सरयू नदी पर बन रहे पुल के पूरा होने में अभी 8 महीने और लगेंगे। उसके बाद ही फोरलेन का काम पूरा होगा।
बता दें गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन का शिलान्यास 2016 में तत्कालीन सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कौड़ीराम में किया था। उन्होंने कहा था कि फोरलेन तीन साल में बन कर तैयार हो जाएगा। लेकिन, छह साल बीतने के बाद भी सड़क बनकर तैयार नहीं हो पाई।
इतना ही नहीं महावीर छपरा के पास सड़क का निर्माण इतना घटिया हुआ कि सड़क धंसने लगी। इसकी शिकायत हुई तो सड़क को तोड़कर दोबारा बनाया जा रहा है। लेकिन, अब तक काम पूरा नहीं हो पाया। सबसे विकट स्थिति आमी क्षेत्र की है। यहां पर पांच पुलों का निर्माण कराया जा रहा है। कसिहार चौराहे के आगे एक पुल बन रहा है उसका काम अभी अधूरा है।
यहां पुल के पास सड़क और रेलिंग का काम भी पूरा नहीं हो पाया है। यहां एक लेन से वाहनों का आना जाना हो रहा है। वहीं दूसरा पुल जो बिजरा पुल के नाम से जाना जाता है, उसके पास बारिश में सड़क धंस गई। यहां फिर से सड़क बननी है। एक लेन से यहां भी वाहन आ जा रहे हैं। इसी तरह नकबैठा पुल के पास एक लेन से वाहन आ जा रहे हैं।
एनएचएआई परियोजना प्रबंधक भवेश अग्रवाल ने कहा कि गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन का काम गाजीपुर तक गोरखपुर डिवीजन के पास है। मऊ से गाजीपुर तक फोरलेन का काम दिसंबर में पूरा हो जाएगा। आमी नदी के क्षेत्र में फोरलेन का कार्य दिसम्बर तक तथा सभी पुलों का कार्य मार्च तक पूरा होगा। जहां तक घाघरा नदी पर बन रहे पुल की बात है तो छह से सात महीने में एक तरफ से चालू कर दिया जाएगा।