प्रदेश में 104 आयुर्वेदिक, यूनानी और होम्योपैथी कॉलेज हैं। महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय से इनमें 2021-22 के लिए 85 आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी कॉलेजों को मान्यता दे दी गई है। विश्वविद्यालय के रजिस्टार आरबी सिंह ने बताया कि इनमें कुल 69 निजी कॉलेजों को मान्यता दी गई है, जबकि शेष सरकारी कालेज हैं।
जानकारी के मुताबिक, प्रदेश के 104 सरकारी और निजी कॉलेजों में आयुष, यूनानी और होम्योपैथी की 7338 सीटें हैं। इन सीटों पर इस बार नीट काउंसिलिंग के जरिए प्रवेश हुआ है। जांच में पता चला कि इनमें 22 छात्र ऐसे हैं, जो नीट की प्रवेश परीक्षा में शामिल ही नहीं हुए थे, लेकिन इनका भी दाखिला आयुष कॉलेजों में हो गया है। कई अन्य छात्रों का दाखिला मेरिट में हेर-फेर के जरिए आयुष कॉलेजों में हुआ है।
रजिस्टार आरबी सिंह ने बताया कि प्रदेश के 12 कॉलेज ऐसे हैं, जिन्होंने 200 ऐसे छात्रों की सूची भेज दी है, जिन्होंने फर्जीवाड़ा कर दाखिला लिया है। अन्य कॉलेज भी ऐसे छात्रों की सूची भेज रहे हैं। इन छात्रों के इनरोलमेंट नंबर पर रोक लगाने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।
क्या है इनरोलमेंट नंबर
रजिस्टार आरबी सिंह ने बताया कि इनरोलमेंट नंबर एक तरह से छात्रों की यूनिक आईडी होती है। इसी आईडी से उनकी पहचान होती है। इनरोलमेंट नंबर जारी नहीं होने पर छात्रों की पढ़ाई अवैध मानी जाएगी और डिग्री भी मान्य नहीं होगी।