उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में हार जीत का परिणाम सबके सामने आ गया है। आज योगी सरकार के पांच मंत्रियों की परीक्षा थी। सब अपनी पुरानी सीट से चुनाव मैदान में थे और सबके सामने अस्तित्व बचाने की चुनौती थी। ज्यादातर मंत्री त्रिकोणीय या फिर चतुष्कोणीय मुकाबले में फंसे थे।
गोरखपुर-बस्ती मंडल के सात जिलों में विधानसभा की 41 सीटें हैं। यूपी सरकार के स्वास्थ्य मंत्री जयप्रताप सिंह, बेसिक शिक्षामंत्री डॉ. सतीश द्विवेदी, कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही, राज्यमंत्री जय प्रकाश निषाद और श्रीराम चौहान भी चुनाव मैदान थे। सबकी निगाहें इन सीटों पर लगी थी।
पथरदेवा में थी लड़ाई कड़ी
देवरिया की पथरदेवा सीट से कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही चुनाव मैदान में थे। सपा ने ब्रह्माशंकर त्रिपाठी को प्रत्याशी बनाया था। बसपा ने परवेज आलम और कांग्रेस ने अंबर जहां को प्रत्याशी बनाया था। इस सीट पर 4:14 तक आए रुझानों के बाद भाजपा के सूर्य प्रताप शाही ने चुनाव मैदान में बढ़त बनाई है और बसपा के परवेज आलम पीछे चल रहे हैं।
रुद्रपुर में भाजपा आगे
देवरिया की रुद्रपुर सीट से राज्यमंत्री जयप्रकाश निषाद भाजपा प्रत्याशी हैं और अभी तक के रुझाने में आगे चललरहे हैं। कांग्रेस ने अखिलेश सिंह और सपा ने रामभुआल निषाद को चुनाव मैदान में उतारा था, भाजपा प्रत्याशी इनसे 10 प्रतिशत वोटों में आगे चल रहे हैं। बसपा ने सुरेश तिवारी को चुनाव में उतारा था। सुरेश तिवारी बरहज से भाजपा विधायक हैं। इस बार टिकट नहीं मिला तो, बसपा का दामन थाम लिया है।
बांसी से स्वास्थ्य मंत्री प्रत्याशी आगे
स्वास्थ्य मंत्री जयप्रताप सिंह सिद्धार्थनगर की बांसी विधानसभा सीट से प्रत्याशी हैं और आगे चल रहे हैं। सपा के मोनू दुबे दूसरे नंबर पर हैं। वहीं, बसपा ने राधेश्याम पांडेय और कांग्रेस ने किरन शुक्ला को प्रत्याशी बनाकर लड़ाई को दिलचस्प बना दिया था।
इटवा का मुकाबला रोचक
सिद्धार्थनगर की इटवा विधानसभा सीट से बेसिक शिक्षामंत्री डॉ. सतीश चंद्र द्विवेदी भाजपा प्रत्याशी हैं। सपा ने माता प्रसाद पांडेय, बसपा ने हरिशंकर सिंह और कांग्रेस ने अरशद खुर्शीद को चुनाव मैदान में उतारा था। इस सीट पर सपा और भाजपा के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। अब तक के परिणाम में भाजरा 2 हजार वोटों से आगे चल रही है।
खजनी की लड़ाई त्रिकोणीय
गोरखपुर की खजनी (सुरक्षित) विधानसभा सीट से भाजपा से राज्यमंत्री श्रीराम चौहान बढ़त बनाए हुए हैं। वह संतकबीरनगर की धनघटा (सुरक्षित) सीट से विधायक हैं। इस बार सीट बदल गई है। लिहाजा, इस बार चुनौतियां भी थी। विपक्षी श्रीराम को बाहरी बताकर, चुनावी अभियान को धार दे रहे थे। इस सीट से बसपा ने विद्या सागर, सपा ने रुपावती और कांग्रेस ने रजनी को प्रत्याशी बनाया था।