परिसर को हरा-भरा और स्वच्छ बनाए रखने के नजरिए से विश्वविद्यालय प्रशासन ने गुटखा, तंबाकू, अल्कोहल के साथ-साथ प्लास्टिक पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। अब अगर किसी विभाग, ऑफिस या सेक्शन में इसका उल्लंघन हुआ तो संबंधित पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
शिक्षकों और कर्मचारियों को मेडिक्लेम की सौगात
शिक्षकों को पांच लाख रुपये तक का मेडिक्लेम प्रदान किया जाएगा। जिसके प्रीमियम का 50 प्रतिशत भुगतान विश्वविद्यालय द्वारा वहन किया जाएगा। 50 प्रतिशत का भुगतान शिक्षक अपने वेतन से प्रतिमाह किस्तों में करेंगे। कर्मचारियों को दो लाख का मेडिक्लेम प्रदान किया जाएगा। कार्यपरिषद की बैठक में शिक्षकों और कर्मचारियों को मेडिक्लेम का लाभ देने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दे दी गई है।
पीआरओ कार्यालय में समाहित होगा सूचना कार्यालय
नई व्यवस्था के अंतर्गत विश्वविद्यालय के सूचना कार्यालय को पीआरओ कार्यालय में समाहित किया जाएगा। विभाग के अध्यक्ष ही मीडिया एवं जनसंपर्क अधिकारी होंगे। सूचना कार्यालय का नया कार्यालय नियंता कार्यालय में होगा।
कार्यपरिषद के सदस्यों ने स्नातक पाठ्यक्रमों में सीबीसीएस (च्वायस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम) से संचालित किए जाने को मंजूरी प्रदान कर दी है। इसे इसी सत्र से लागू किया जाएगा। इसके साथ गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रदेश का पहला ऐसा राज्य विश्वविद्यालय बन गया है, जिसने स्नातक, परास्नातक के साथ पीएचडी पाठ्यक्रम में भी सीबीसीएस को लागू कर दिया है।
स्नातक शिक्षक कराएंगे पीएचडी
कार्य परिषद ने नए शोध अध्यादेश को भी मंजूरी प्रदान की है। इसके तहत अब डिग्री कालेजों के स्नातक शिक्षक भी पीएचडी करा सकेंगे। इसके अलावा विश्वविद्यालय व डिग्री कॉलेजों में इच्छुक अभ्यर्थी पार्ट टाइम पीएचडी कर सकेंगे।