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गोरखपुर विश्वविद्यालय: कुलपति आवास में डंप थीं दो हजार फाइलें, अब शुरू हुई जांच

Fri, 08 Sep 2023 10:27 AM IST
vivek shukla राम मनोहर त्रिपाठी, गोरखपुर।

सार

गोरखपुर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. राजेश सिंह का कार्यकाल चार सितंबर को समाप्त हो गया। उनकी जगह नई कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कार्यभार ग्रहण करने के बाद सबसे पहले कुलपति आवास का निरीक्षण किया। आवास में ही बने कैंप कार्यालय में बड़ी संख्या में फाइलें रखीं मिलीं।
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गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो.पूनम टंडन । (फाइल) - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति आवास में दो हजार फाइलें डंप मिलीं हैं। इनमें शिक्षकों के गोपनीय दस्तावेज, वित्त विभाग, शोध अनुमोदन, काॅलेजों की संबद्धता आदि से जुड़ी फाइलें भी हैं। फाइलों का ढेर देखकर नवागत कुलपति प्रो. पूनम टंडन अवाक रह गईं।

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कुलपति ने दो दिनों में सारी फाइलें अब अपने दफ्तर में मंगवा ली हैं। उन्होंने संबंधित विभागों से पड़ताल कर रिपोर्ट मांगी है और करीब 200 बड़े मामलों से जुड़ी फाइलों की जांच खुद शुरू कर दी है। चर्चा यह भी कि इन फाइलों में ऐसे भी मामले हैं जिनमें पिछले दिनों में करोड़ाें रुपये के भुगतान किए गए हैं।

गोरखपुर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. राजेश सिंह का कार्यकाल चार सितंबर को समाप्त हो गया। उनकी जगह नई कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कार्यभार ग्रहण करने के बाद सबसे पहले कुलपति आवास का निरीक्षण किया। आवास में ही बने कैंप कार्यालय में बड़ी संख्या में फाइलें रखीं मिलीं। जब कुलपति ने कर्मचारियों से इने बारे में पूछा तो पता चला कि सभी फाइलें विभिन्न विभागों से मंगाई गई हैं।
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कुलपति ने तत्काल सभी फाइलों को प्रशासनिक भवन में संबंधित विभागाें में पहुंचाने का निर्देश दिया। संबंधित विभागों में फाइलों की जांच की जा रही है। 200 से अधिक फाइलों को वीसी दफ्तर में जांच की जा रही है।

दो प्रोफेसरों ने पत्रावली दिखाने के लिए लिखा था पत्र
विश्वविद्यालय में पिछले दिनों यह अफवाह उड़ी थी कि पूर्व कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने हिंदी विभाग के निलंबित आचार्य प्रो. कमलेश गुप्ता समेत अन्य शिक्षकों की फाइल पर टिप्पणी की है। इस पर प्रो. कमलेश गुप्ता व रसायन शास्त्र विभाग के आचार्य प्रो. उमेश नाथ त्रिपाठी ने तत्कालीन कुलसचिव प्रो. अजय सिंह को पत्र लिखकर फाइल दिखाने की मांग की।
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