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गोरखपुर विश्वविद्यालय: निलंबित प्रो. कमलेश गुप्त ने जनता से समर्थन मांगा, जानकारी देकर मांगा सहयोग

Mon, 27 Dec 2021 03:04 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

रविवार को टाउनहाल के आसपास दुकानदारों, नागरिकों से मिले, गोविवि की आंतरिक परिस्थितियों की जानकारी देकर मांगा सहयोग।
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प्रोफेसर कमलेश गुप्ता। (फाइल) - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग से निलंबित प्रो. कमलेश कुमार गुप्त अब जनता के बीच पहुंच गए हैं। रविवार को प्रो. गुप्त ने टाउनहाल के आसपास के दुकानदारों और नागरिकों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय की आंतरिक परिस्थितियों की जानकारी देकर लोगों से अपने आंदोलन के लिए समर्थन मांगा।

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जानकारी के मुताबिक विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के प्रो. कमलेश गुप्त ने कुलपति प्रो. राजेश सिंह के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। उनकी मांग है कि वर्तमान कुलपति को हटाया जाए और उनके कार्यकाल के दौरान आय एवं व्यय की निष्पक्ष जांच कराई जाए। इन शिकायतों का संज्ञान लेकर ही राज्यपाल के विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) डॉ. पंकज एल जानी ने शनिवार को विश्वविद्यालय में शिक्षकों, अधिकारियों और छात्रों के अलावा प्रो. कमलेश गुप्त से फीडबैक लिया था।

दूसरी तरफ, प्रो. कमलेश ने रविवार को टाउनहाल पहुंचकर महात्मा गांधी की प्रतिमा को प्रणाम कर जनसंपर्क शुरू किया। उन्होंने बताया कि जनसंपर्क के दौरान लोगों से विश्वविद्यालय किन संकटों से गुजर रहा है, इसकी चर्चा की है। शीतकालीन अवकाश के दौरान जनसंपर्क जारी रहेगा। इस अवधि में अगर मांगें मान ली गईं तो सत्याग्रह समाप्त कर देंगे, वरना विश्वविद्यालय खुलते ही क्रमिक धरना शुरू करेंगे।

राज्यपाल के ओएसडी लखनऊ रवाना

राज्यपाल के ओएसडी डॉ. पंकज एल जानी शनिवार की रात में ही लखनऊ रवाना हो गए। डॉ. जानी ने विवि से जुड़ी हर जानकारी जुटाई है, जिसे वह राज्यपाल के सामने प्रस्तुत करेंगे। समझा जा रहा है कि राजभवन जल्द ही विवि में प्रो. कमलेश गुप्त और प्री-पीएचडी प्रकरण को सुलझा लेगा।

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