गोरखपुर विश्वविद्यालय में धरने पर बैठे विद्यार्थियों से बात करते डीएम विजय किरन आनंद और कुलपति राजेश सिंह व अन्य।
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प्रमोट किए जाने की मांग के साथ दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में धरने पर बैठे वर्ष 2019 के प्री-पीएचडी छात्रों से तीसरे दिन रविवार की शाम डीएम विजय किरण आनंद और कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने मुलाकात की। वार्ता के बाद विश्वविद्यालय ने एक सहमति पत्र भी जारी कर दिया। लेकिन, उसमें प्रमोट शब्द न लिखे जाने पर छात्रों ने धरना खत्म करने से इनकार कर दिया। रात में सिटी मजिस्ट्रेट भी वार्ता करने पहुंचे थे, लेकिन वार्ता असफल रही। वहीं सोमवार को छात्रों ने कुलसचिव कार्यालय में घेराव कर दिया। इस दौरान नाराज छात्रों ने कमरे में ही कब्जा कर लिया है।
जानकारी के मुताबिक विश्वविद्यालय परिसर में सौ फीट झंडे के पास प्री-पीएचडी के छात्र धरने पर बैठे हुए हैं। उनकी मांग है कि बिना शर्त उन्हें प्रमोट किया जाए। रविवार को पूरे दिन मान मनौव्वल चलती रही। दोपहर में सिटी मजिस्ट्रेट अभिनव रंजन श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक सोनम कुमार ने वार्ता की। इसके बाद शाम को डीएम और कुलपति पहुंचे। सभी बिंदुओं पर सहमति बन गई।
आश्वस्त किया गया कि जो छात्र प्रमोट होना चाहते हैं उन सभी छात्रों को प्रमोट कर दिया जाएगा। उनका पंजीकरण भी सुनिश्चित किया जाएगा। लेकिन रात में विश्वविद्यालय के कुलसचिव की ओर से जो पत्र उपलब्ध कराया गया उसमें प्री-पीएचडी की परीक्षा जनवरी प्रथम सप्ताह में कराने की बात कही गई। साथ ही कहा गया कि जो छात्र परीक्षा से मुक्त रहना चाहते हैं उन्हें छूट दी जाएगी। इसी लाइन पर छात्रों को आपत्ति थी। वे चाहते हैं कि स्पष्ट लिखा जाए कि उन्हें प्रमोट किया जाएगा।
इसी मांग के साथ छात्र धरने पर बैठे रहे। वहीं सुरक्षा कारणों से विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर भारी मात्रा में फोर्स भी लगा दी गई है। धरने में मुख्य रूप से अमन यादव, भास्कर चौधरी, शिव शंकर गोंड, पवन कुमार, दीपक यादव, मनीष, ईश्वर यादव, कमलकांत राव आदि उपस्थित रहे।