गोविवि के परीक्षा नियंत्रक डॉ. कुलदीप सिंह ने बताया कि जिन पाठ्यक्रमों की परीक्षा हो गई है, उनके अंकपत्रों को प्राथमिकता के आधार पर मंगवाया जा रहा है। कुछ पाठ्यक्रमों का अंकपत्र आ गया है। उनके विभाग को भेजा जा रहा है। जिनका नहीं आया है उसके लिए एजेंसी को भेजा गया है। एक माह के अंदर अधिकतर अंकपत्र आने की उम्मीद है।
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गोरखपुर विश्वविद्यालय में संचालित बीजे में सत्र 2021-22 के छात्र राजन गुप्ता का परीक्षा परिणाम सितंबर 2022 में ही आ गया। लेकिन अबतक उन्हें अंकपत्र नहीं मिला है। वह इसके लिए विभाग और प्रशासनिक भवन का चक्कर लगा रहे हैं। अंकपत्र नहीं मिलने से वह आगे की पढ़ाई के लिए किसी अन्य संस्थान में प्रवेश नहीं ले पा रहे हैं। अंकपत्र नहीं मिलने से उनका एक सत्र बर्बाद हो गया।
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केस-2
आशुतोष पांडेय गोरखपुर विश्वविद्यालय में एलएलबी के छात्र हैं। पांचवें सेमेस्टर में पढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन अबतक उन्हें प्रथम सेेमेस्टर का अंकपत्र नहीं मिला। प्रथम, द्वितीय व तृतीय सेमेस्टर के बाद चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा भी कुछ दिन पहले समाप्त होने पर वह पांचवें सेमेस्टर की पढ़ाई शुरू कर दिए है। अंकपत्र के लिए जिम्मेदारों के पास जाते हैं तो अंकपत्र जल्द देने का आश्वासन दिया जाता है।
केस-3
गोरखपुर विश्वविद्यालय में एमए अर्थशास्त्र के छात्र रहे सुमित सिंह चार सेमेस्टर की परीक्षा देकर पढ़ाई पूरी कर चुके हैं लेकिन अबतक उन्हें एक भी सेमेस्टर का अंकपत्र नहीं मिला। उन्होंने एमबीए की पढ़ाई करने के लिए एक संस्थान में आवेदन किया था लेकिन अंकपत्र नहीं मिलने के चलते प्रवेश नहीं ले सके। वह अंकपत्र जारी कराने के लिए विवि के हर जिम्मेदार से मिल चुके हैं लेकिन अभी तक सिर्फ आश्वासन ही मिला है।