समिति वर्तमान प्रवेश मानदंड का मूल्यांकन करने और प्रक्रिया में ताकत और कमजोरियों की पहचान करेगी। साथ ही वर्तमान प्रवेश प्रक्रिया के साथ उनके अनुभवों और सुधार के लिए उनके सुझावों के संबंध में छात्रों, संकाय और प्रशासनिक कर्मचारियों से प्रतिक्रिया प्राप्त करेगी। प्रवेश मानदंड और आवेदन के विभिन्न पहलुओं, जैसे शैक्षणिक प्रदर्शन, मानकीकृत परीक्षण स्कोर, पाठ्येतर गतिविधियों और अन्य प्रासंगिक कारकों को दिए गए वेटेज में सुधार के लिए सिफारिशों का एक सेट विकसित करेगी। समिति एक व्यापक रिपोर्ट तैयार करेगी, जिसमें प्रस्तावित परिवर्तनों, उनके पीछे के तर्क और कार्यान्वयन के लिए एक समय व रूपरेखा प्रस्तुत करेगी।
समिति सर्वोत्तम प्रथाओं और सुधार के क्षेत्रों की पहचान करने के लिए सहकर्मी संस्थानों में प्रवेश प्रक्रियाओं का गहन विश्लेषण करेगी और अनुसंधान पर जोर देगी।
गोविवि कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि प्रवेश मानदंड और वेटेज आवंटन में सुधार के लिए समिति का गठन किया गया है। यह प्रयास विश्वविद्यालय को मजबूत करेगा और इसकी निरंतर सफलता में योगदान देगा। विश्वविद्यालय के प्रवेश मानदंडों की नियमित समीक्षा और समायोजन यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है कि हम सर्वोत्तम और सबसे विविध प्रतिभाओं को आकर्षित करना जारी रखें।