दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के परिसर में बिना कोई शुल्क दिए वर्षों से सात मोबाइल टॉवरों को संचालित कर रही मोबाइल कंपनी रिलायंस जियो और बीएसएनएल के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है। विवि प्रशासन ने टॉवरों को चिन्हित कर रिपोर्ट तैयार कर लिया है।
रिपोर्ट के मुताबिक विवि में पांच रिलायंस जियो और दो बीएसएनएल के टॉवर लगाए गए हैं। बिना कोई किराया दिए विवि की जमीन का इस्तेमाल करने के साथ ही कंपनियां बिजली का भी इस्तेमाल कर रही हैं। इसके एवज में कंपनियों की ओर से किसी प्रकार के शुल्क का भी भुगतान नहीं किया जा रहा है। विश्वविद्यालय द्वारा भेजे गए नोटिसों का भी कंपनियों की ओर से जवाब नहीं दिया जा रहा है।
कुलपति प्रोफेसर राजेश सिंह ने इस मामले में मुख्य नियंता और संपत्ति अधिकारी को अविलंब उचित कार्रवाई करने के लिए आदेशित किया है। ऐसे ही मूल्यांकन भवन के पूरे एक तल पर एक एजेंसी द्वारा सात साल से पांच हजार स्क्वायर फीट एरिया का बिना कोई किराया दिए इस्तेमाल किए जाने पर भी विश्वविद्यालय प्रशासन ने नाराजगी जताई है।
साथ ही साथ कंपनी को 24 घंटे में मूल्यांकन भवन को खाली करने का निर्देश दिया है। विवि प्रशासन की ओर से एजेंसी द्वारा 10 हजार रुपये प्रति महीने के हिसाब से किराया भी वसूला जाएगा। इसे लेकर एजेंसी को सात साल के किराए के रूप में 8.40 लाख रुपये ब्याज सहित जमा कराने का निर्देश दिया है। इस सिलसिले में जियो कंपनी का पक्ष नहीं मिल सका है। पक्ष मिलने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।
बीएसएनल के प्रधान महाप्रबंधक विद्यानंद ने बताया कि दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर के परिसर में बीएसएनएल का कोई भी टॉवर नहीं है। बीएसएनएल की लीज लाइन चलती है, जिसका भुगतान विश्वविद्यालय समय से कर देता है।