मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शिक्षा सलाहकार प्रो. डीपी सिंह ने तीन दिनों के प्रवास के दौरान शिक्षाविदों और विषय विशेषज्ञों से चर्चा की। उनकी सलाह ली और शिक्षा की कामन ब्रांडिंग पर जोर दिया। उन्होंने कॉमन काल सेंटर, कामन पोर्टल और कामन ब्रोशर बनाने का सलाह दी और इसके लिए जिम्मेदारी भी तय की।
मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को उन्होंने कामन पोर्टल बनाने की जिम्मेदारी दी है। कामन ब्रोशर तैयार करने की जिम्मा गोरखपुर विश्वविद्यालय को सौंपा है। इसके अलावा एक ऐसी कामन डाक्यूमेंट्री तैयार करने की सलाह दी, जो गोरखपुर की शिक्षा सेवाओं का खाका खींचती हो।
तीन दिन में हुई अलग-अलग बैठकों में शिक्षा सलाहकार ने कहा कि शैक्षणिक उन्नयन के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। परस्पर सहयोग के आधार पर सम्मिलित रूप से संस्थाओं की ब्रांडिंग करनी होगी। गोरखपुर को बहुआयामी शिक्षा का हब बनाने के लिए उन्होंने पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप का अनुकरणीय माडल प्रस्तुत करने की अपील की।
इंटरनेशनल स्टूडेंट अफेयर्स आफिस का गठन करें
प्रो. डीपी सिंह ने गोरखपुर में मौजूद सभी विश्वविद्यालयों तथा शिक्षण संस्थानों को इंटरनेशनल स्टूडेंट्स अफेयर्स आफिस के गठन की सलाह दी। उन्होंने बताया कि जब वह यूजीसी के चेयरमैन थे तब उनके कार्यकाल में करीब 178 विश्वविद्यालयों में अंतर्राष्ट्रीय छात्रों की सुविधा के लिए इंटरनेशनल स्टूडेंट्स अफेयर्स आफिस गठित किया गया था, जिसका फायदा उन विश्वविद्यालय को मिल रहा है।
हितधारकों को भी बैठक में बुलाएं
प्रो. डीपी सिंह ने विश्वविद्यालयों से अपील की है कि वह गोरखपुर शैक्षिक उन्नयन के लिए बैठकों में हितधारकों को आमंत्रित करें। उन्होंने अगली बैठक से ही इस प्रक्रिया को अपनाने को कहा।