गोरखपुर में खोराबार इलाके के रायगंज में युवती और उसके मां-बाप की हत्या की जांच के लिए गठित विशेष टीम कई और आरोपितों के नाम भी शामिल कर सकती है। आपराधिक साजिश और धमकी देने के मामले में मामले को रफा-दफा कराकर थाने जाने से रोकने वालों को आरोपी बनाया जा सकता है। हालांकि, पुलिस की अब तक की जांच में हत्या में एक ही आरोपित आलोक पासवान ही सामने आया है।
जानकारी के मुताबिक, 25 अप्रैल की रात एक तरफा प्यार में रायगंज गांव में प्रीति और उसके पिता गामा निषाद व मां संजू निषाद की बांके से हमला कर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद आलोक खुद ही थाने पहुंच गया था। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया था और 26 अप्रैल की सुबह आला कत्ल बरामद करने के लिए आलोक को लेकर गांव में पुलिस गई थी।
इसी दौरान वह पुलिस की सर्विस रिवाल्वर छीनकर भागने लगा था। मुठभेड़ में आलोक के पैर में गोली लगी थी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके बाद ही परिजन सामने आए और हत्या में चार से पांच और लोगों के शामिल होने की बात कही।
शिकायत के आधार पर एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने एसपी सिटी और एसपी साउथ की संयुक्त टीम जांच को गठित की है। परिजन अब तक की बात में आलोक के शरणदाताओं का नाम ले रहे हैं।
यही वजह है कि माना जा रहा है कि केस में आपराधिक साजिश और धमकी देने की धारा बढ़ाई जा सकती है। एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि गठित अफसरों की टीम गहनता से जांच करेगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।