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Gorakhpur News: करंट लगने से चाचा-भतीजे की मौत, लोगों ने जाम की सड़क- पाइप व बांस पर खींची गई थी लाइन

Sat, 27 Sep 2025 11:24 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
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मृतक चाचा और भतीजे की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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पाली (गोरखपुर)। सहजनवां थाना क्षेत्र के डुमरी गांव के धोबही टोला निवासी चंद्रेश और चाचा रामबेलास की शुक्रवार को करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। इससे भड़के ग्रामीणों ने बिजली निगम पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए ठर्रापार के पास सहजनवां-घघसरा मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया।
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जेई और एसडीओ पर कार्रवाई की मांग पर अड़े गए। मौके पर पहुंचे अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों ने एक-एक लाख रुपये नकद और एक-एक सदस्य को संविदा पर नौकरी देने का आश्वासन दिया। इसके बाद लोग मान गए। करीब दो घंटे बाद आवागमन बहाल हुआ।

जानकारी के अनुसार, डुमरी के धोबही गांव निवासी हरिमोहन का बेटा चंद्रेश कुमार (35) राजमिस्त्री का काम करता था। उसने बिजली का घरेलू कनेक्शन ले रखा था लेकिन गांव के ही एक व्यक्ति ने करीब तीन माह पहले उसका केबल खंभे से उतार दिया, जिससे उसकी आपूर्ति बाधित हो गई।

कई बार बिजली निगम के कार्यालय का चक्कर लगाने के बाद भी उसकी सप्लाई नहीं जोड़ी गई। मजबूर होकर चंद्रेश ने 400 मीटर दूर काली स्थान के पास पोखरे के किनारे ट्रांसफाॅर्मर से लोहे के पाइप और बांस के सहारे वैकल्पिक लाइन खींची थी।

शुक्रवार सुबह तार ढीला हो गया। चंद्रेश उसे टाइट करने लगा। इसी दौरान केबल कटने से वह करंट की चपेट में आ गया और चीखने-चिल्लाने लगा। यह देख चाचा रामबेलास (55) उसे छुड़ाने लगे लेकिन वह भी करंट की चपेट में आ गए। मौके पर जुटे ग्रामीणों ने किसी तरह से दोनों को अलग किया और सीएचसी पाली ठर्रापार ले गए, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।

सहजनवां के पाली में करंट से चाचा-भतीजा की मौत की जानकारी मिली है। इस मामले में विद्युत वितरण खंड द्वितीय के अधीक्षण अभियंता दीपक कुमार से जानकारी मांगी गई है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी: आशुतोष श्रीवास्तव, मुख्य अभियंता वितरण

भड़के ग्रामीण, लगाया जाम... दो घंटे ठप रहा आवागमन
सहजनवां थाना क्षेत्र के डुमरी गांव के धोबही टोला निवासी चंद्रेश और चाचा रामबेलास की करंट की चपेट में आने से मौत की खबर फैलते ही गांव में मातम पसर गया। ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। लोगों ने दोनों शवों को ठर्रापार के पास सहजनवां-बखिरा मार्ग पर रखकर जाम कर दिया।

ग्रामीण बिजली निगम के जेई और एसडीओ पर कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। जानकारी मिलने पर घघसरा चौकी प्रभारी दुर्गेश कुमार सिंह फोर्स के साथ पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया लेकिन वे नहीं माने।

इसके बाद उपजिलाधिकारी सहजनवां केशरी नंदन तिवारी, सीओ गीडा, थानाध्यक्ष महेश चौबे मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों को राहत राशि दिलाने का भरोसा दिलाया। वहीं, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रभाकर दुबे ने परिजनों को एक-एक लाख रुपये नकद और दोनों परिवारों के एक-एक सदस्य को संविदा पर सफाईकर्मी की नौकरी देने का आश्वासन दिया।

समाजसेवी विकास राज ने भी 50 हजार रुपये आर्थिक सहयोग देने की घोषणा की। इसके बाद परिजन और ग्रामीण शांत हुए और शव सड़क से हटाया। दो घंटे बाद आवागमन बहाल हो सका। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
चंद्रेश की पत्नी कुसुम के अलावा 14 वर्षीय बेटा देवेश और 12 वर्षीय बेटी अनन्या हैं। वहीं, रामबेलास की पत्नी रीता हैं लेकिन उनकी कोई संतान नहीं है। दोनों परिवार मेहनत-मजदूरी और खेती पर निर्भर थे। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम छा गया।
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