गोरखपुर। दूर-दराज के रहने वाले विद्यार्थी भी अब बिना कैंपस आए मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर सकेंगे। विश्वविद्यालय में जल्द ही डिस्टेंस लर्निंग सेंटर की स्थापना की जाएगी। विश्वविद्यालय ने इसकी स्वीकृति के लिए यूजीसी की वेबसाइट पर आवेदन किया है। स्वीकृति मिलने के बाद इस केंद्र को शुरू कर दिया जाएगा।
विश्वविद्यालय की योजना है कि इसी सत्र से डिस्टेंस लर्निंग सेंटर को शुरू कर दिया जाए। शुरुआत के लिए विश्वविद्यालय ने बीबीए-एमबीए और बीसीए-एमसीए को चुना है। सेंटर की स्थापना के लिए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जेपी सैनी ने दो सदस्यीय टीम बना दी है। प्रो. विट्ठल एल गोले को समन्वयक और प्रो. शेखर यादव को सह-समन्वयक बनाया गया है। यह टीम विश्वविद्यालय की ओर से बनाई गई योजना के क्रियान्वयन में जुट गई है।
बीबीए-एमबीए और बीसीए-एमसीए शुरू करने के पीछे विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इन पाठ्यक्रमों को पूरा करने के बाद विद्यार्थियों को नौकरी के लिए भटकना नहीं पड़ता। केंद्र की स्थापना के साथ ही बड़ी संख्या में इन पाठ्यक्रमों के लिए अभ्यर्थी पूरे उत्साह से जुड़ेंगे। बाद में इससे कुछ और भी प्रोफेशनल कोर्स शुरू किए जाने की योजना है।
डिस्टेंस लर्निंग सेंटर आज के समय में बहुत महत्वपूर्ण है। इसकी मदद से विद्यार्थी कहीं भी रहकर पढ़ाई कर सकेंगे। इसके लिए टीम गठित कर दी गई है। वह इस केंद्र की शुरुआत की औपचारिकताओं को पूरा करने में लग गई है। कोशिश है कि इस सेंटर को इसी सत्र से शुरू किया जा सके।
- प्रो. जेपी सैनी, कुलपति