नंदानगर के पास दुकानों के सामने की गई थी बैरिकेडिंग, गोरखपुर यूनिवर्सिटी के सामने से हटाए गए स्टॉल
ड्रोन और सीसी कैमरों से हो रही थी सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी
गोरखपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का काफिला सोमवार को शहर में करीब 33 किलोमीटर चला। इसे लेकर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। जमीन से लेकर आसमान तक से निगरानी की गई। चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाकर्मी लगाए गए थे। राष्ट्रपति के रूट में करीब एक हजार पुलिसकर्मी तैनात थे।
राष्ट्रपति दोपहर करीब 1:10 बजे एयरपोर्ट पर उतरीं। सीएम योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल उन्हीं के साथ आए। उतरने के बाद राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और सीएम योगी ने उनका स्वागत किया। स्वागत करने वालों में कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद, सांसद रवि किशन शुक्ल, मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव आदि शामिल रहे। मेयर ने राष्ट्रपति को महानगर की प्रतीकात्मक चाबी सौंपी। इसके बाद उनका काफिला सर्किट हाउस के लिए निकला। एयरपोर्ट से लेकर सर्किट हाउस तक सड़क किनारे सुरक्षाकर्मी तैनात थे।
नंदानगर के पास दुकानों के सामने बैरिकेडिंग की गई थी। स्वागत के लिए जगह-जगह टेंट लगाए गए थे। सड़क किनारे छतों पर भी सुरक्षाकर्मी तैनात रहे। आगमन से पहले तेज बारिश हुईए लेकिन उसमें भी सुरक्षाकर्मी डटे रहे। कुनराघाट, आरकेबीके, रामगढ़ ताल रिंग रोड, पैडलेगंज होते हुए उनका काफिला सर्किट हाउस पहुंचा। इसके बाद शाम को इसी रास्ते वह एम्स पहुंचीं। एम्स के दीक्षांत समारोह से निकलकर राष्ट्रपति एक बार फिर सर्किट हाउस पहुंचीं। वहां से वह गोरखनाथ मंदिर के लिए निकलीं। रास्ते में पैडलेगंज के पास बैरिकेडिंग की गई थी। गोरखपुर यूनिवर्सिटी के सामने सारे ठेले हटाकर बैरिकेडिंग कराई गई थी। गोरखनाथ मंदिर में डिनर के बाद वह दोबारा सर्किट हाउस पहुंचीं। ड्रोन और सीसी कैमरे से सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की जा रही थी।