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Gorakhpur News: कानफोडू डीजे ने उड़ाई नींद, रात भर बेचैन रहे हांसूपुर और बसंतपुर वाले

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- तेज आवाज के कंपन से एक घर में गिरा पंखा, खिड़की-दरवाजे बंद करने के बावजूद नहीं कम हुआ शोर
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- बसंतपुर इलाके में बृहस्पतिवार की रात लोगों ने जाग कर काटी


गोरखपुर। कानफोडू डीजे ने एक बार फिर शहरवासियों की नींद उड़ा दी है। मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ बजाए जा रहे डीजे के तेज शोर ने उनकी बेचेनी बढ़ा दी। सबसे ज्यादा परेशानी हांसुपूर और बसंतपुर वालों को हुई। इन मोहल्लों के रास्ते ही अधिकांश प्रतिमाएं ले जाई गईं और डीजे के शोर की वजह से लोग सोए नहीं। डीजे के आवाज से कंपन इतनी तेज थी कि एक घर में तो सीलिंग फैन भी नीचे गिर गया। लोगों ने घरों की खिड़कियां बंद कर लीं लेकिन फिर भी राहत नहीं मिली। लोगों का कहना है कि डीएम को ज्ञापन देने के बाद भी शोर कम नहीं हुआ।
बृहस्पतिवार की शाम से दुर्गा प्रतिमा विसर्जन शुरू हुआ। शहर की लगभग आधी प्रतिमाएं बसंतपुर से होकर ही गुजरती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम के समय तो डीजे की आवाज ज्यादा नहीं थी लेकिन रात होते ही यह बढ़ती गई। नतीजा यह रहा कि परिवार के लोग खिड़की-दरवाजे बंद कर बैठे रहे। हालांकि, इससे भी खास फायदा नहीं हुआ। लोगों ने बताया कि तेज आवाज की वजह से घरों के खिड़की व दरवाजे हिल रहे थे। दिल की घड़कनें तेज हो गई। बसंतपुर के अजय गुप्ता ने बताया कि डीजे के कंपन कमरे में लगा सीलिंग फैन गिर गया। गनीमत रही कि उस कमरे में कोई नहीं था। विसर्जन के लिए सुबह तक प्रतिमाएं गईं। इस वजह से सुबह आठ बजे तक परिवार का कोई सदस्य नहीं सो सका। सभी लोग तनाव में हैं।
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अजय गुप्ता ने बताया कि सड़क किनारे मकान होने की वजह से डीजे की वजह से काफी परेशानी होती है। पिछले कुछ वर्षों से परिवार के कई लोग शोर की वजह से ह्दय रोग से पीड़ित हो गए हैं। इस बार पहले ही प्रशासन से डीजे के शोर पर लगाम लगाने की अपील की गई थी लेकिन बावजूद इसके कोई फर्क नहीं पड़ा। अभी तो यह पहला दिन था। अगर ऐसा ही रहा तो कई दिनों तक इस समस्या से जूझना पड़ेगा।

सिर पर रखा तकिया, फिर भी नहीं कम हुआ शोर
हांसुपुर के अखिलेश गुप्ता ने बताया कि बृहस्पतिवार की रात डीजे के शोर की वजह से उन्हें नींद नहीं आ रही थी। खिड़की-दरवाजे सब बंद कर दिए इसके बाद भी शोर अंदर तक आ रहा था। बेस इतना तगड़ा था कि बेड तक हिल जा रहा था। कानों में आवाज न गूंजे इसलिए सिर पर तकिया लगाकर सोने की कोशिश की लेकिन फिर भी शोर कम नहीं हुआ। रात भर जागकर ही गुजारनी पड़ी।

घरों में बेचैन रहे बच्चे और बुजुर्ग
शाम को प्रतिमा विसर्जन शुरू हुआ तो डीजे की धुन पर बच्चे थिरकने लगे। भक्ति गीतों पर पहले वे जमकर झूमे लकिन रात होते ही जब उनके सोने का समय आया तो यही डीजे उन्हें परेशान करने लगा। तेज आवाज की वजह से उनकी नींद खराब होने लगी। उधर, बसंतपुर, हांसुपुर, मोहद्दीपुर, टीपी नगर आदि इलाकों में बुजुर्गों को तेज आवाज से काफी परेशानी हुई। सेवानिवृत्त शिक्षक राघवेंद्र सिंह ने कहा कि हर साल डीजे की तेज आवाज परेशान करती है। रात में इससे हार्ट बीट बढ़ जाती है। सभी सीनियर सिटीजन का यही हाल होता है।

बोले स्थानीय लोग...
डीजे के शोर से बचने के लिए हम लोगों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन दिया था। उसका कोई असर नहीं दिखा। डीजे की तेज आवाज की वजह से पूरी रात नहीं सो पाए। रात में 12 बजे के बाद तो डीजे की आवाज इतनी तेज थी कि घर की सभी खिड़की-दरवाजे बंद होने के बाद भी अंदर बैठना मुश्किल हो गया था।
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- डाॅ. पवन कुमार श्रीवास्तव, बसंतपुर

डीजे की तेज आवाज को लेकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में शिकायत की थी। अधिकारियों ने जागरूकता अभियान चलाने व डेसिबल मीटर लगाने को कहा था। मगर बृहस्पतिवार की रात डीजे संचालकों ने सभी नियमों की धज्जियां उड़ा दीं। डीजे के शोर ने दिल की धड़कनें बढ़ा दी थीं।
- एजाज रिजवी, बसंतपुर
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