गिरोह के सरगना डायना उर्फ दयाशंकर उर्फ देवेंद्र निषाद पर दर्ज हैं 36 केस
जून 2024 में गिरफ्तार करने गई एम्स थाने की पुलिस टीम पर डायना व उसके घरवालों ने किया था हमला
गोरखपुर। कुसम्हीं जंगल में पुलिस बनकर डायना गिरोह प्रेमी जोड़े और पर्यटकों को निशाना बनाता था। लूटपाट करने वाले इस गिरोह का सरगना रामगढ़ उर्फ रजही टोला निवासी डायना उर्फ दयाशंकर उर्फ देवेंद्र निषाद है, जिस पर 36 केस दर्ज हैं। लूटपाट, ब्लैकमेल कर दुष्कर्म करने में गिरोह के तीन गुर्गों पर छह माह पहले एम्स थाने में गैंगस्टर एक्ट का केस दर्ज किया गया था।
इसके अलावा देवरिया के कोतवाली थाना क्षेत्र के रजनीश तिवारी उर्फ पिंटू तिवारी और कुसम्हीं बाजार के अभिषेक राजभर पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की गई है। अभिषेक पर 16 और रजनीश पर 08 केस दर्ज हैं।
कुसम्हीं जंगल में डायना उर्फ देवेंद्र निषाद का आतंक था। कुसम्हीं जंगल (विनोद वन) में घूमने आए प्रेमी युगलों को पुलिस कर्मी बताकर कर उनसे लूट-पाट करता था। जून 2024 में यहां घूमने आई युवती ने डायना पर लूटपाट और दुष्कर्म करने का आरोप लगाते हुए एम्स थाने में केस दर्ज कराया था। इसके बाद पुलिस ने डायना के घर पर दबिश दी थी। घरवालों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया था। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने डायना को गिरफ्तार किया था। इसके बाद डायना के परिवार के सदस्यों पर भी केस दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी की थी। डायना जंगल में घूमने आने वाले जोड़ों को कुछ साथियों के साथ मिलकर कभी पुलिस इंस्पेक्टर या वन दरोगा बनकर पकड़ लेता था। फिर जंगल के अंदर ले जाकर उनके पास रखे रुपये, जेवर लूट लेता था। हाल ही में जेल से जमानत पर छूटने के बाद दोबारा लूटपाट शुरू की थी। पुलिस ने उसे मुठभेड़ के दौरान दबोच लिया था।