बेलीपार के चेरियां गांव में शुक्रवार को दूसरे गांव के प्रधान की कार से कुचलकर दो युवकों की मौत का मामला
आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से परिजन दुखी, मामले को रफा दफा करने की जता रहे आशंका
गोरखपुर। बेलीपार क्षेत्र के चेरियां गांव में शुक्रवार को पड़ोसी गांव के ग्राम प्रधान की कार से कुचलकर दो युवकों की मौत के मामले में घरवालों ने इलाज में कमी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि हादसे के बाद कार चालक व उसमें सवार लोगों ने यदि घायलों को अस्पताल पहुंचा दिया होता तो शायद युवकों की जान बच जाती। लेकिन ऐसा करने के बजाय आरोपी पूरे मामले को रफा दफा करने में जुट गए। उधर समुचित इलाज नहीं मिलने से दोनों की मौत हो गई।
पीड़ित पक्ष के लोग इस मामले में पुलिस की कार्रवाई पर भी असंतोष जता रहे हैं। पीड़ितों का कहना है कि पुलिस ने इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं की। आरोपी ग्राम प्रधान मामले को रफा दफा कराने की कोशिश में लगा है। चेरियां निवासी उपेंद्र निषाद (20) और सागर कन्नौजिया (20) की गांव की सड़क पर शुक्रवार को पड़ोसी गांव के प्रधान की कार से कुचलकर मौत हो गई थी। मृतक उपेंद्र निषाद के पिता उदयभान निषाद का आरोप है कि घटना के बाद घायल काफी देर तक वहीं तड़पते रहे। जबकि, कार छोड़कर प्रधान समेत बैठे तीन अन्य लोग भाग गए थे। अगर समय से इलाज हुआ होता तो शायद जान बच जाती। वहीं बेलीपार थाना प्रभारी विशाल कुमार सिंह का कहना है कि हादसे से संबंधित धारा में केस दर्ज कर कार को सीज कर दिया गया है। जांच कर अन्य कार्रवाई की जाएगी।
दोनों दोस्तों का साथ में किया दाह संस्कार
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार शाम को दोनों दोस्तों का शव गांव पहुंचा तो चीख पुकार मच गई। कोई अपने आंसू को नहीं रोक पाया। देर शाम गांव के पास ही दोनों दोस्तों का एक ही साथ दाह संस्कार किया गया। इस दौरान बेलीपार पुलिस भी वहां मौजूद रही।
सागर के पिता का इंतजार कर रहा परिवार
इस घटना में मृत दूसरे युवक सागर के पिता हौसिला शनिवार को भी घर नहीं पहुंचे थे। परिवार के लोग उनका इंतजार करते रहे। पिता हौसिला दूसरे प्रदेश में रहकर पेंट पालिश का काम करते हैं।