हाटा बाजार के मुकेश चाइल्ड केयर क्लीनिक में इंजेक्शन लगने से तीन माह की बच्ची की मौत का मामला
गगहा (गोरखपुर)। हाटा बाजार के मुकेश चाइल्ड केयर क्लीनिक में इंजेक्शन लगाने के बाद बच्ची की मौत के मामले में पुलिस ने मुकेश वर्मा नामक तथाकथित डॉक्टर पर गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर लिया है। बच्ची की मां सोनी देवी की तहरीर पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है। घटना के बाद पुलिस ने अस्पताल के संचालक को हिरासत में लिया था। आरोप है कि संचालक ने क्लीनिक पर बेटे मुकेश वर्मा के नाम के साथ एमबीबीएस, एमडी लिखा बोर्ड लगा रखा था। पुलिस जांच कर रही है कि मुकेश के पास ये डिग्रियां हैं या नहीं।
आरोप है कि शनिवार को संचालक ने अपनी पत्नी से बच्ची को इंजेक्शन लगवाया। बताया जा रहा है कि संचालक की पत्नी के पास मेडिकल से जुड़ी कोई डिग्री नहीं है। वह अक्सर संचालक के कहने पर मरीजों का इलाज करती थी। इंजेक्शन लगने के बाद बच्ची का शरीर नीला पड़ गया और मुंह से झाग आने लगा। थोड़ी देर बाद उसकी मौत हो गई।
हिरासत में लिए गए संचालक का कहना है कि बेटा मुकेश वर्मा केजीएमयू का छात्र है। वहां वह एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है। इसीलिए अस्पताल के बोर्ड पर बेटे को एमबीबीएस और एमडी का डॉक्टर बताकर बोर्ड लगवाया था। संचालक के बेटे की पढ़ाई के बारे पुलिस को अभी कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
आयुर्वेद की डिग्री पर एलोपैथी में इलाज
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शनिवार देर रात अस्पताल की जांच की तो संचालक के नाम से आयुर्वेद की डिग्री होने का पता चला। लेकिन, आयुर्वेद की डिग्री पर वह एलोपैथी में इलाज कर रहा था। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग उसकी डिग्री और अस्पताल के यूनानी रजिस्ट्रेशन के कागजात की जांच कर रहा है। पुलिस के अनुसार, हिरासत में लिए गए संचालक ने कबूल किया कि उसने पत्नी से बच्ची को इंजेक्शन लगवा दिया। वह अक्सर मरीजों के इलाज में पत्नी का सहयोग लेता था। पुलिस का कहना है कि संचालक को हिरासत में लिया गया, लेकिन अभी जेल नहीं भेजने की कार्रवाई नहीं की जा रही है। पुलिस अभी बच्ची की मेडिकल रिपोर्ट आने का इंतजार कर रही है।