कैंपियरगंज में 10 फरवरी को 9 लुटेरों ने कारोबारी से की थी लूट
महराजगंज के तीन और गोरखपुर के चार लुटेरे पकड़े गए, दो की तलाश
लुटेरों के पास से पुलिस ने कैंपियरगंज पुलिस ने बरामद किया लूट का आभूषण
गोरखपुर। कैंपियरगंज में 10 फरवरी को सर्राफा कारोबारी से लूट करने वाले सात लुटेरों को बृहस्पतिवार को पुलिस ने दबोच लिया। इस घटना में शामिल दो अन्य आरोपियों की तलाश चल रही है। आरोपियों के पास से सर्राफा कारोबारी से लूटे गए तीन लाख रुपये से अधिक के सोने-चांदी के गहने भी बरामद कर लिए गए हैं। पूछताछ के बाद सभी आरोपियों को दोपहर बाद पुलिस ने जेल भिजवा दिया।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान कैंपियरगंज कोइरीपुरवा करीमपुर टोला के संतोष मौर्या, श्यामलाल गौड़, संदीप साहनी, मुलायम साहनी और महाराजगंज के पनियरा थाना क्षेत्र के जरलहवा उर्फ सुचितपुर बघौना टोला निवासी मंजीत निषाद, अमरनाथ विश्वकर्मा, बड़हरा लाला के आलोक पासवान के रूप में हुई। इसमें संतोष मौर्या और मंजीत निषाद गिरोह के सरगना हैं। आरोपियों पर यह पहला केस दर्ज किया गया है। ये हर दिन पार्टी करने के लिए नया जुगाड़ खोजते हैं। पार्टी के चक्कर में ही सभी आरोपियों ने लूट की घटना को अंजाम दिया।
एसपी उत्तरी जितेंद्र श्रीवास्तव ने घटना का पर्दाफाश करते हुए बताया कि पीपीगंज निवासी राजेंद्र वर्मा की महराजगंज के फरेंदा थाना क्षेत्र के बरातगाड़ा झावांकोट में सोने-चांदी की दुकान है। वह हर दिन दुकान का कीमती सामान साथ लेकर घर से आते-जाते थे। लुटेरों को इस बात की खबर लगी तो, रेकी कर रात के समय दुकान बंद करके आ रहे सर्राफा कारोबारी को रोककर उसकी बाइक और झोला छीन लिया और भाग गए। झोले में ही कारोबारी ने सोने चांदी के आभूषण रखे थे। शिकायत मिलने पर पुलिस ने जांच की तो कैंपियरगंज जंगल के पास कारोबारी की बाइक और उसपर लदी चावल की बोरी मिल गई।
इसके बाद सीसीटीवी कैमरे जांच में एक संदिग्ध बाइक दिखी, जिसपर अलग तरह का एक स्टीकर लगा था। कैंपियरगंज थाना प्रभारी राकेश रोशन सिंह ने जब स्टीकर लगी गाड़ियों की पहचान कराना शुरू की तो पता चला कि महराजगंज के एक युवक की बाइक पर ऐसा ही स्टीकर लगा है। इसके मोबाइल नंबर का सीडीआर निकलवाया तो पता चला कि घटना वाले दिन घटनास्थल पर ही आरोपी मौजूद था। पुलिस ने मुखबिर की मदद से पनियरा के मंजित को पकड़ा। इसके बाद अन्य आरोपी भी पकड़ लिए गए। सभी आरोपी कक्षा पांच और आठवीं तक की पढ़ाई किए हैं। ये हर दिन पार्टी करने के लिए नया जुगाड़ खोजते हैं। पार्टी के चक्कर में ही सभी आरोपियों ने लूट की घटना को अंजाम दिया। सोना-चांदी पास ही रखे थे, उन्हें लगा कि अभी मामला ताजा है, कोई सामान बेचेंगे तो मामला खुल सकता है। इससे आरोपी पकड़े गए तो लूट का सारा आभूषण मिल गया।
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शराब पीने के चक्कर में हुई रेकी
पुलिस की मानें तो सर्राफा कारोबारी राजेंद्र वर्मा 10 फरवरी को दुकान बंद करके झोले में आभूषण लेकर निकले। रास्ते में रुककर एक दुकान पर शराब पी। इसके बाद आगे निकले तो उनके साथ लूट की घटना हुई। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना न देकर पहले जाकर फिर शराब पी फिर घर निकल गए। दूसरे दिन जाकर पुलिस को जानकारी दी थी। इस वजह से पुलिस घटना को संदिग्ध मान रही थी। लुटेरों के पकड़े जाने के बाद पुलिस ने कारोबारी को चेतावनी दी कि भविष्य में सोना-चांदी लेकर शराब की दुकान पर जाकर नशा नहीं करेगा।