गोरखपुर। साधन सहकारी समिति झगहां से किसानों को 14 साल बाद खाद मिलनी शुरू हुई तो किसानों में खुशी व्याप्त हो गई। इसके पहले किसानों को खाद के लिए दूसरी जगह पर दौड़-भाग करना पड़ता था।
बता दें कि पहले साधन सहकारी समितियों को जिला सहकारी बैंक से धन मिलता था। इससे वह खाद लाकर बेचती थी। लेकिन, बैंक का लाइसेंस नवीनीकरण न होने के कारण आरबीआई ने उसे डिफाल्टर घोषित कर दिया। बाद में केंद्र सरकार ने सभी समितियों को 10 -10 लाख रुपये दिया ओर कहा कि इससे समितियां खाद लाकर किसानों को दें। खाद बेचकर पैसा जमा करें और उससे दोबारा खाद लाएं। लेकिन, कृषि विकास योजना के अंतर्गत साधन सहकारी समिति झगहां को धन नहीं मिला। इससे वह व्यवसाय नहीं कर पा रही थी। अब जिला सहकारी बैंक से समिति का 10 लाख रुपये का क्रेडिट लिमिट पास हो गया है। इससे समिति से व्यवसाय शुरू हो गया है। समिति के सचिव ने खाद लाकर बेचना शुरू कर दिया है।
एआर नीरज कुमार ने बताया कि 14 साल बाद जब झगहां समिति पर खाद की गाड़ी पहुंची और किसानों में वितरित होने लगी तो किसानों में खुशी व्याप्त हो गई। किसानों को यह भरोसा रहता है कि समिति से जो खाद मिलती है उसकी गारंटी होती है।