चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष आरएन सिंह कहते हैं कि कपड़ा उद्यमियों को गीडा के स्थापना दिवस पर भी प्रोत्साहित करने की तैयारी है। गीडा में लगने वाली प्रदर्शनी में करीब 50 स्टॉल केवल गोरखपुर के रेडिमेड गारमेंट्स की ही लगाए जाएंगी, जिससे कि उनके उत्पाद को बड़ा बाजार दिलाया जा सके।
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पार्किंग ग्राउंड की भी सुधरेगी दशा
सिटी मॉल के सामने नया कपड़ा मार्केट बनाने के साथ ही सामने की पार्किंग ग्राउंड की दशा भी बदलेगी। क्लाथ मार्केट आने-जाने के लिए पार्किंग एरिया के दोनों किनारे से गैलरी बनाई जाएगी। मुख्य रोड से लेकर मार्केट की सीढ़ियों तक बनने वाले इस रास्ते से खरीदारों को आने-जाने में सुविधा होगी।
शहर के बीचोबीच इस क्लॉथ मार्केट को खोलने के पीछे प्रमुख उद्देश्य यही है कि शहर में आते-जाते लोग यहां खरीदारी करने आएंगे। कपड़ों की ढुलाई का खर्च समेत अन्य खर्चे कम होंगे तो यह बाहर से आए कपड़ों के मुकाबले सस्ता होगा। इससे लोग इन कपड़ों की खरीदारी को लेकर उत्सुक होंगे। कपड़े बिकेंगे तो फैक्टरी मालिकों को इसका फायदा मिलेगा।
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गीडा में लगने वाली फैक्टरियों को प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर दो साल पहले सिटी मॉल के सामने की इसी खाली जमीन पर वस्त्रों की प्रदर्शनी लगाई गई थी। उस प्रदर्शनी में आए सभी उद्यमियों के माल बिक गए थे। इससे उत्साहित उद्यमियों ने जिले के प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना के सामने यहां दुकान लगाने की अनुमति देने का मामला उठाया था।
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उद्यमियों की मांग मुख्यमंत्री तक पहुंची तो उन्होंने यहां स्थायी निर्माण के लिए निर्देश दिया। राजस्व कर्मियों ने बताया कि यह जमीन नजूल की है तो इस पर डीएम से सहमति लेकर जीडीए को निर्माण कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई। अभी इन दुकानों में बीम लेवल तक का काम पूरा हुआ है। छत ढालने व प्लास्टर आदि के कार्य में करीब तीन महीने का वक्त लगेगा। नए साल में ये दुकानें उद्यमियों को आवंटित हो जाएंगी।