डीएम विजय किरन आनंद ने बुधवार को अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि एक सप्ताह के भीतर समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) के सभी लंबित मामले निस्तारित नहीं हुए तो संबंधित की जवाबदेही तय करते हुए उस पर कार्रवाई की जाएगी। आईजीआरएस मामलों के निस्तारण में देरी पर हाल ही में समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी नाराजगी जता चुके हैं। डीएम ने कहा कि इन मामलों की नियमित समीक्षा की जाए और तय समय के भीतर निस्तारण कराया जाए।
डीएम बुधवार को विकास भवन सभागार में विकास कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि सभी संबंधित अधिकारी अपने तहसील व ब्लाक स्तरीय कार्यालयों का निरीक्षण करें तथा निरीक्षण पंजिका में भ्रमण के दौरान मिलीं खामियां, निराकरण, समय आदि का विस्तृत उल्लेख करें।
सिंचाई विभाग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में नहरों के कुल 77 टेल हैं। सभी टेल तक पानी पहुंचाया गया है। 15 अक्तूबर से नहरें बंद होंगी। अक्तूबर से दिसंबर तक शील्ट सफाई का कार्य होगा। जिले में नहरों की कुल लम्बाई 515 किमी है, जिसमें 237 किमी राजबाहा तथा 278 किमी माइनर की लम्बाई है। इस पर डीएम ने कहा कि टेल तक पानी पहुंचने का प्रमाण पत्र ग्राम प्रधानों/सेक्रेटरी से प्राप्त किया जाए। नहरों की सूची तथा उसके किनारे बसे गांवों की सूची उपलब्ध कराई जाए, ताकि कार्यों का सत्यापन हो सके।