गोरखपुर के सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय ने 44 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों से अपील की है कि वे जागरूक बनें और जल्द से जल्द टीकाकरण करवाएं। पर्याप्त वैक्सीन उपलब्ध है। कहा कि जान लेना चाहिए कि कोविड बीमारी से बचाव का सशक्त माध्यम टीका ही है। ऑनलाइन बुकिंग में 18-44 आयु वर्ग में सत्र भले ही कम खाली मिल रहे हैं, लेकिन 44 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लिए पर्याप्त स्लॉट उपलब्ध हैं।
सीएमओ ने बताया कि टीका लगवाने के बाद कुछ लोगों को बुखार आता है लेकिन यह टीके की सामान्य प्रवृत्ति है। इससे घबराने की आवश्यकता नहीं है। जिन लोगों को ऑनलाइन पंजीकरण करवाने में दिक्कत हो रही थी उनके लिए सहज जन सेवा केंद्रों और आयुष्मान भारत योजना के विलेज लेवल इंटरप्रेन्योर (वीएलई) के माध्यम से निशुल्क सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
पंजीकरण कराते समय इस बात का ध्यान रखना है कि नाम, जन्मतिथि और पहचान पत्र का विवरण सही से दर्ज किया जाए। बताया कि टीकाकरण कार्यक्रम में विश्व स्वास्थ्य संगठन, यूनिसेफ, यूएनडीपी और चाई संस्थाएं भी तकनीकी सहयोग प्रदान कर रही हैं।
सिर्फ मैसेज दिखा कर हो जाएगा टीकाकरण
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. नीरज कुमार पांडेय ने बताया कि टीकाकरण के लिए पंजीकरण व स्लॉट से जुड़े कागजात का प्रिंट आउट ले जाने की आवश्यकता नहीं है। निर्धारित समय पर सिर्फ मोबाइल में आया मैसेज और दर्ज करवाए गए पहचान पत्र को दिखा कर टीका लगवाया जा सकता है। पंजीकरण के लिए आधार कार्ड, ड्राईविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, पासपोर्ट, वोटर आईडी कार्ड, पेंशन कार्ड और एनपीआर स्मार्ट कार्ड पहचान पत्र के तौर पर मान्य हैं।
स्वास्थ्यकर्मी बनाएंगे ग्रामीण की सूची, लगेगा टीका
टीकाकरण में तेजी लाने के लिए स्वास्थ्य विभाग अब अपने कर्मियों को गांव में भेजकर ऐसे लोगों की सूची बनवाएगा, जिन्होंने अब तक टीका नहीं लगवाया है। इस काम में आशा, आंगनबाड़ी वर्कर, निगरानी समितियां सहयोग करेंगी। बताया जा रहा है कि एक गांव में अगर 100 लोगों की संख्या हो जाती है तो उसी गांव में कैंप लगाकर टीका लगाया जाएगा। संख्या कम हुई तो आसपास के गांवों के लोगों को शामिल करते हुए टीकाकरण किया जाएगा।