महराजगंज जिले के पनियरा थाना क्षेत्र के कमता बुजुर्ग निवासी गोरख चौहान (30) की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर चार और आरोपियों को पकड़ा था। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक के सीसीटीवी फुटेज को डिलीट कर दिया गया था। इसके बाद आखिरी बार पकड़े गए युवक ने बताया कि प्राइवेट ब्लड बैंक से भी उनकी सेटिंग थी।
इसे भी पढ़ें: गोरखपुर में बोले सीएम योगी: दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन में किसी को न आए समस्या, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हों
पुलिस को फुटेज तो नहीं मिला, लेकिन सीडीआर की मदद से जांच को तेज कर दिया गया। सीडीआर में वर्तमान में ब्लड बैंक में एक कर्मचारी की भूमिका सामने आई, जिसके बाद पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लग गई है। उसका नाम भी बढ़ा लिया गया है। अब एक और संविदा कर्मचारी का नाम आने के बाद पुलिस पिछले कई दिनों से गतिविधियों की निगरानी कर रही है।
एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने कहा कि छह आरोपियों को जेल भिजवाया जा चुका है। कॉल डिटेल और सीडीआर की मदद से पुलिस छानबीन कर रही है। गिराेह में शामिल कुछ लोगों के नाम सामने आए हैं। उनके खिलाफ साक्ष्य संकलन किया जा रहा है। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।