करीब छह महीने पहले बिना किसी सूचना के ये अंशदान एक निजी बैंक में ट्रांसफर कर दिए गए। जबकि अंशदान के शेयर को किसी अन्य जगह निवेश करने पर कर्मचारियों की सहमति लिया जाना अनिवार्य है।
पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के यूथ विंग के उपाध्यक्ष निशांत यादव ने बताया कि 20 अक्तूबर 2023 को रेलवे प्रशासन की तरफ से एक नया फार्म जारी किया गया है। पीआरकेएस के महामंत्री विनोद कुमार राय ने कहा कि पूरे मामले की जानकारी रेल प्रशासन को दी गई है। कर्मचारियों का हित सुरक्षित होना चाहिए। इस संबंध में रेल प्रशासन से पक्ष जानने की कोशिश की गई लेकिन, कोई अधिकारी बोलने को तैयार नहीं है।
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नई नियुक्ति पाए कर्मचारी अक्सर अपने खाते को चेक करते रहते हैं। पिछले महीने कुछ कर्मचारियों ने अपने अकाउंट चेक किए तो पता लगा कि हर महीने उनके शेयर में कमी आ रही है और मैसेज भी एसबीआई, एलआईसी या यूटीआई के बजाय एक निजी बैंक का आ रहा है। कर्मचारियों ने इससे पीआरकेएस के महामंत्री विनोद कुमार राय को अवगत कराया। संगठन की मीटिंग में इस पर चर्चा के बाद वरिष्ठ अफसरों से शिकायत की गई। इसके बाद मामले की जांच स्थानीय विजलेंस ने शुरू की है।