एमबीबीएस छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न का मामला सामने आने के बाद शिक्षक से लेकर छात्र तक अचंभित हैं। वहीं पीड़िता के परिजनों ने बेटी का दूसरे कॉलेज में ट्रांसफर के लिए आवेदन किया है। इस बीच कार्यकारी निदेशक ने आश्वस्त किया है कि ऐसे मामलों में पूरी सख्ती बरती जाएगी। जो भी दोषी होंगे, उन्हें किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
पीड़िता छात्रा ने यह ई-मेल पांच दिन पहले एम्स प्रशासन को भेजा था। इसके बाद पहले मामले को सुलह समझौता से खत्म करने का प्रयास किया गया। चर्चा है कि आरोपी अफसर ने पीड़िता से माफी मांगने के लिए कई बार फोन किया, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया।
बल्कि पूरे वाकये से परिजनों को अवगत कराया तो माता-पिता भी पहुंच गए। घटना से परेशान छात्रा की तबीयत बिगड़ी तो माता-पिता ने पहले उसका मेडिसिन विभाग और फिर मानसिक रोग विभाग में इलाज कराया।
जिस अफसर पर आरोप लगा है, उन्हें एम्स में पावरफुल अधिकारी के तौर पर जाना जाता है। इन पर पिछले दिनों अति वरिष्ठ अधिकारियों की सरपरस्ती भी थी। हालांकि, नए कार्यकारी निदेशक पर इनके पॉवर का असर नहीं हुआ। बताया जा रहा है कि आरोपों की जानकारी होते ही सीधे फोन कर उनके कार्यालय ही नहीं परिसर में प्रवेश पर पाबंदी लगा दी गई थी।