एम्स निदेशक डॉ. सुरेखा।
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एम्स गोरखपुर की निदेशक डॉ. सुरेखा किशोर ने कहा, राष्ट्र को कोरोना से मुक्त कराने में सभी सहयोग करें। हममें यदि किसी प्रकार का लक्षण हो तो घर से बाहर निकलने से बचने के साथ ही कम से कम लोगों से मिलना चाहिए। उन्होंने यह बातें गोरखनाथ मंदिर में पुण्यतिथि समारोह सप्ताह के दूसरे दिन रविवार को कहीं। मंदिर में ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की 52वीं एवं महंत अवेद्यनाथ की सातवीं पुण्यतिथि मनाई जा रही है।
बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज मेडिसिन विभाग के डॉ. राजकिशोर सिंह ने कहा कि अमेरिका जैसा देश आज भी कोरोना से जूझ रहा है लेकिन भारत इस महामारी पर विजय के करीब है। जगतगुरु रामानुजाचार्य स्वामी वासुदेवाचार्य ने कहा कि कोरोना ने बहुत लोगों को इसलिए भी प्रभावित किया है कि वे इससे अधिक भयभीत हो गए। योग के विभिन्न अंगों के द्वारा हम अपने शरीर का एक मशीन की तरह सर्विस करते हैं। पूर्व कुलपति प्रो. उदय प्रताप सिंह ने कहा कि कोरोना महामारी चिकित्सा क्षेत्र के लिए, शासन प्रशासन के लिए तथा सभी देशों के नागरिकों के लिए एक चुनौती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना के प्रति पूरे देश को सजग व तैयार किया। इससे पूर्व वैदिक मंगलाचरण डॉ. रंजनाथ त्रिपाठी, गोरक्षाष्टक पाठ सुजल तिवारी व गौरव तिवारी ने प्रस्तुत किया। संगोष्ठी का संचालन माधवेंद्र राज ने किया। इस अवसर पर योगी कमलनाथ, महंत मिथिलेश दास, महंत गंगादास, चेचाईराम के महंत पंचाननपुरी आदि मौजूद रहे।
कोरोना काल में योग विश्व में हुआ प्रसारित
कटक उड़ीसा से आए महंत शिवनाथ ने कहा कि कोरोना महामारी के विश्व में फैलने के साथ ही योग भी पूरे विश्व में प्रसारित हुआ है। योग की प्रक्रिया में सबसे पहले शारीरिक स्वच्छता को महत्व दिया गया है। साथ ही मानसिक स्वच्छता व शांति को यम नियम इत्यादि के माध्यम से बताया गया है।
कोरोना से बचने के लिए करें प्राणायाम
सवाई मठ आगरा से आए ब्रह्मचारी दास लाल ने कहा कि कोरोना बीमारी को लेकर हमें भ्रम में नहीं रहना चाहिए कि हम स्वस्थ हैं, हम योग करते हैं तो हमें कोरोना नहीं होगा। हमें इससे बचने के लिए गिलोय, तुलसी, कलोंजी इत्यादि का काढ़ा पीने के साथ ही विविध प्राणायाम का निरंतर अभ्यास करते रहना चाहिए इससे हमारा फेफड़ा मजबूत होगा और रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ेगी।