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Gorakhpur News: नगर निगम को 15 कॉलोनियां हैंडओवर करेगा GDA, देने होंगे 57 करोड़

Sun, 16 Nov 2025 12:56 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर

सार

बैठक में शहर की सड़कों, पार्कों, भवनों और अन्य प्रमुख स्थानों के नामकरण से जुड़ी प्रक्रियाओं को सुगम और व्यवस्थित करने के लिए एक तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। इसके अध्यक्ष उपसभापति पवन त्रिपाठी होंगे, जबकि पार्षद ऋषिमोहन वर्मा और रमेश यादव सदस्य होंगे। यह समिति भविष्य में नामकरण से जुड़े सभी प्रस्तावों की समीक्षा कर अपनी अनुशंसा निगम बोर्ड को देगी।
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बैठक करते नगर निगम के अधीकारी।
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विस्तार
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नगर निगम कार्यकारिणी समिति की 11वीं बैठक शनिवार को मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की 15 कॉलोनियों को नगर निगम को हस्तांतरण (हैंडओवर) पर सहमति बनी। इसके लिए नगर निगम को जीडीए की ओर से कुल 57 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा। इसके अलावा मलबा शुल्क भी अलग से देना पड़ेगा।
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जिन काॅलोनियों के हैंडओवर की तैयारी है, उनमें वसुंधरा एन्क्लेव प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय, लोहिया इन्क्लेव, वैशाली और यशोधरा कुंज आवासीय योजना शामिल हैं। 

इसके साथ ही अमरावती निकुंज, कारपोरेट योजना, बुद्ध विहार आवासीय योजना पार्ट-ए, बी, सी, आम्रपाली आवासीय योजना, सिद्धार्थपुरम विस्तार, गौतम विहार विस्तार, शास्त्रीनगर योजना, गोलघर स्थित जीडीए टॉवर और लेक व्यू अपार्टमेंट भी इसमें शामिल किए गए हैं।

इन सभी कॉलोनियों के नगर निगम को मिलने से क्षेत्रीय विकास कार्य, सड़क सुधार, सफाई, सीवरेज और पेयजल जैसी मूलभूत सेवाओं को अधिक प्रभावी तरीके से लागू किया जा सकेगा।

सोलर सिस्टम लगाने वालों को बड़ी राहत
बैठक में पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सूर्य घर योजना के तहत सोलर सिस्टम लगाने वाले नागरिकों को संपत्ति कर में 15 प्रतिशत की छूट देने का निर्णय लिया गया। इस फैसले से लोग नवीकरणीय ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहित होंगे। निगम का मानना है कि इससे ऊर्जा खपत कम होगी और शहर को ग्रीन सिटी के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।

पार्षद वरीयता मद में पांच लाख की बढ़ोतरी
नगर निगम ने पार्षदों को मिलने वाली वरीयता राशि में बढ़ोतरी का निर्णय भी लिया। अब यह राशि 55 लाख से बढ़ाकर 60 लाख रुपये कर दी गई है। पार्षदों को इसमें से 35 लाख रुपये उपलब्ध हो गए थे।

अब उन्हें 25 लाख रुपये और मिलेंगे। बढ़ोतरी के बाद बेहतर विकास कार्यों के लिए उन्हें अधिक धनराशि का उपयोग करने का अवसर मिलेगा। बैठक में मौजूद पार्षदों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि इससे वार्ड स्तर पर सड़कों, स्ट्रीट लाइट, नालियों और अन्य विकास कार्यों की गति और बेहतर होगी।

नामकरण समिति का गठन
बैठक में शहर की सड़कों, पार्कों, भवनों और अन्य प्रमुख स्थानों के नामकरण से जुड़ी प्रक्रियाओं को सुगम और व्यवस्थित करने के लिए एक तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। इसके अध्यक्ष उपसभापति पवन त्रिपाठी होंगे, जबकि पार्षद ऋषिमोहन वर्मा और रमेश यादव सदस्य होंगे। यह समिति भविष्य में नामकरण से जुड़े सभी प्रस्तावों की समीक्षा कर अपनी अनुशंसा निगम बोर्ड को देगी।

वित्तीय वर्ष 2025-26 का पुनरिक्षीत बजट जारी
नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2025-26 का पुनरिक्षीत बजट 164729.74 लाख को सर्वसम्मति से पारित किया गया। प्रस्तावित बजट में कुल व्यय 1093.17 करोड़ रुपये और आय 1064.28 करोड़ रुपये अनुमानित की गई है। बजट में लगभग 300 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मार्च में पेश बजट में जहां आय 760 करोड़ और व्यय 910 करोड़ रुपये था, वहीं अब आय और व्यय दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
 

नगर निगमों में लर्निंग भ्रमण का निर्णय
बैठक में एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर भी सहमति बनी कि स्वच्छ भारत मिशन, जल संरक्षण, बेहतर जलापूर्ति और सीवरेज कर संग्रहण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले नगर निगमों में कार्यकारिणी समिति के सदस्यों का लर्निंग भ्रमण कराया जाएगा। इसका उद्देश्य उन नगर निगमों के कार्य मॉडल को समझते हुए गोरखपुर में बेहतर शहरी सेवाओं और नई कार्य प्रणाली को लागू करना है।

फैमिली आईडी बनाने में पार्षदों की भूमिका
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पार्षदों के माध्यम से नागरिकों की फैमिली आईडी बनाई जाएगी। जिन लोगों के पास राशन कार्ड नहीं हैं, उनकी फैमिली आईडी पार्षदों के जरिये तैयार कराई जाएगी, जबकि जिनके पास राशन कार्ड है, उनकी फैमिली आईडी शासन की ओर से बनाई जाएगी।
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वार्ड की जमीन की पैमाइश में देरी का मुद्दा उठा
दिग्विजयनगर के पार्षद ऋषि मोहन वर्मा ने अपने वार्ड में नगर निगम की जमीन की पैमाइश न होने का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने कहा कि पहले यहां कब्जा था, जिसे हटाया गया लेकिन तीन साल बीत जाने के बावजूद निगम जमीन की पैमाइश नहीं करा पाया। उन्होंने बताया कि कब्जा हटाने के बाद जमीन को सुरक्षित भी नहीं किया गया। इस पर नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने अपर नगर आयुक्त अतुल कुमार को तत्काल जांच कर जमीन को सुरक्षित कराने के निर्देश दिए।

नामांतरण के मामलों में देरी पर नाराजगी
नामांतरण के मामलों में अनावश्यक देरी का मुद्दा कार्यकारिणी सदस्य जियाउल इस्लाम ने उठाया। नगर आयुक्त ने कहा कि बाबू और इंस्पेक्टर के पटल पर लंबित मामलों की जांच कराई जाएगी। यह देखा जाएगा कि किसके पटल पर कितने फाइलें रुकी हैं। इसके बाद लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नामांतरण जैसी सेवाओं में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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