नई महायोजना-2031 में जीडीए के दायरे वाले ज्यादातर क्षेत्र की कृषि की जमीन का भू-प्रयोग बदलकर आवासीय किया जा रहा है। आवासीय की कीमत अधिक होने की वजह से काश्तकारों को उनकी जमीन की अच्छी कीमत मिलेगी। वहीं, जीडीए द्वारा बढ़ाए गए दायरे को भी महायोजना-2031 में शामिल किए जाने के बाद कॉलोनी विकसित कर प्लॉट बेचने वालों को जीडीए से ले-आउट स्वीकृत कराना होगा। साथ ही रेरा में रजिस्ट्रेशन जरूरी हो जाएगा। इससे प्लाट लेने वालों को जरूरी सुविधाएं मिलेंगी। सड़क, नाली टूटने पर प्राधिकरण उसे दुरुस्त भी कराएगा।
जीडीए सचिव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि प्राधिकरण के दायरे में जो नए गांव शामिल हुए हैं, वे भी नई महायोजना में शामिल किए जा रहे हैं। ऐसे में वहां सुनियोजित विकास हो इसलिए अवैध तरीके से कॉलोनी विकसित कर प्लॉट बेचने वालों को चिह्नित कर नोटिस दिया जा रहा है। अब तक 113 लोगों को नोटिस भेजा जा चुका है।
जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने कहा कि अब कोई बिचौलिया काश्तकारों से कम दाम पर जमीन का सौदा कर ज्यादा मुनाफा नहीं कमा सकेगा। जीडीए ने जिस क्षेत्र में भी सीमा विस्तार किया है, उसे नई महायोजना में शामिल किया जा रहा है। ऐसे में अवैध तरीके से कॉलोनी बसाने वालों को नोटिस दिया गया है। साथ ही काम भी रुकवा दिया गया है। किसी ने भी नोटिस की अनदेखी कर निर्माण कराया तो कार्रवाई की जाएगी। अब सीमा विस्तार वाले इलाकों में भी कॉलोनी विकसित करने के लिए जीडीए से ले-आउट स्वीकृत कराना होगा। साथ ही रेरा में पंजीकरण भी जरूरी है। इससे किसानों को जमीन का सही दाम मिलेगा। अवैध कॉलोनी बसने से रोका जा सकेगा। लोगों को सुविधाएं ज्यादा मिलेंगी।