जीडीए ने दशहरा तक चंपा देवी पार्क के पास गोरक्ष एन्क्लेव नाम से ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट लांच करने की घोषणा की है। इसमें थ्री बीएचके के 46, जबकि टू बीएचके के 44 आवास होंगे।
दशहरे पर चंपा देवी पार्क के पास ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट लांच करने के साथ ही जीडीए ने दिवाली पर एक और आवासीय योजना लाने की तैयारी शुरू कर दी है। चिड़ियाघर के सामने प्रस्तावित इस परियोजना के पास तीन एकड़ क्षेत्रफल में एक पार्क और व्यावसायिक कांप्लेक्स को भी विकसित किया जाएगा। लोकेशन को लेकर इस परियोजना को भी जीडीए काफी अहम मान रहा है। इसमें टू एवं थ्री बीएचके के 72 फ्लैट होंगे। अभी फ्लैट का क्षेत्रफल और कीमतें नहीं तय हुईं हैं। जीडीए का कहना है कि जल्द ही इस योजना से जुड़ी सभी जानकारियां नगरवासियों से साझा कर दी जाएंगी।
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जीडीए ने दशहरा तक चंपा देवी पार्क के पास गोरक्ष एन्क्लेव नाम से ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट लांच करने की घोषणा की है। इसमें थ्री बीएचके के 46, जबकि टू बीएचके के 44 आवास होंगे। राप्ती ग्रींस में थ्री एवं टू बीएचके के 36-36 आवास होंगे। यह परियोजना लोहिया एन्क्लेव एवं निजी ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट पॉम पैराडाइज के पास तैयार की जाएगी। जीडीए उपाध्यक्ष ने आर्किटेक्ट को ले-आउट बनाने की जिम्मेदारी दे दी है।
7.5 एकड़ में एक और बड़ी परियोजना लांच होगी
कुछ दिन पहले जीडीए के उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह, सचिव उदय प्रताप सिंह के निरीक्षण में तीन-चार स्थानों पर खाली भूखंड मिले थे। इनमें से एक भूखंड पर राप्ती ग्रींस ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट लांच करने की योजना बनाई गई। लंबे समय के बाद एक ही महीने के भीतर जीडीए की ओर से दो आवासीय परियोजनाओं को लांच करने की तैयारी है। बौद्ध संग्रहालय के पास करीब 7.5 एकड़ भूमि पर एक और बड़ी आवासीय योजना को लेकर भी तैयारी चल रही है। इसमें विभिन्न वर्ग के लोगों को आवास पाने का मौका मिलेगा।
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जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने बताया कि गोरक्ष एन्क्लेव के साथ ही राप्ती ग्रींस के नाम से भी एक ग्रुप हाउसिंग योजना लांच करने की तैयारी चल रही है। दोनों योजनाओं के लिए पंजीकरण दिवाली तक लांच हो सके इसके लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। राप्ती ग्रींस का भी ले-आउट तैयार किया जा रहा है।