इसके बाद पुलिस ने उसके मोहद्दीपुर के मकान समेत अन्य संपत्तियों को जब्त किया। इसके बाद फिर एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने जालसाजों के लिए अभियान ही चला दिया। इसका असर रहा कि भूमाफिया कमलेश यादव, दीनानाथ प्रजापति, अक्षय मिश्रा जैसे कई जालसाज सामने आए गए, जिनकी गर्दन दबोची गई।
प्रशासन की इस कार्रवाई से साफ हो गया है कि लोगों ने अपनी गाढ़ी कमाई को गंवा दिया है। इसे जीडीए ने भी समझा और लोगों को सरकारी योजनाओं से जोड़कर ठगी से बचाने का फैसला लिया गया। अब सरकारी योजनाएं ही चारों तरफ चल रही हैं, जिसमें आम लोगों के सपने का घर भी पूरा हो रहा है।
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गोरखपुर विकास प्राधिकरण
- फोटो : अमर उजाला
केस एक
12 मई 2022 : लोगों से जमीन के नाम पर जालसाजी करने वाले भूमाफिया ओमप्रकाश को पुलिस ने पहले जेल भेजा फिर गैंगस्टर एक्ट के तहत डीएम के आदेश पर दो करोड़ रुपये की संपत्ति को जब्त किया गया। उसने जालसाजी करके मोहद्दीपुर में आलीशान मकान बनवाया था। वह कितना शातिर है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जब पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था तो उसके दो खातों को मिलकर महज आठ हजार रुपये ही होने की जानकारी मिली थी।
केस दो
गोरखपुर-खजनी मार्ग पर कैटलॉक से सुविधाओं वाला मकान का सपना दिखाकर शारदा सिटी ने भी जालसाजी की थी। पुलिस ने जांच की तो उसके भी कई मामले सामने आए थे। पुलिस ने आरोपी अक्षय मिश्रा पर केस दर्ज किया। उससे पूछताछ की और फिर उसने पुलिस की सख्ती की वजह से कई लोगों के रुपये भी वापस किए। बाद में उसके अन्य साथियों का नाम भी सामने आए, जिस पर कार्रवाई की गई थी।
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केस तीन
कुसम्ही, कोनी इलाके में सीलिंग की जमीन बेचकर भूमाफिया कमलेश यादव ने अपने साथी दीनानाथ प्रजापति के साथ मिलकर करोड़ों की ठगी की। ठगी से कमाए रुपये कमलेश यादव आईटीआई कॉलेज का मालिक तक बन बैठा। वहीं दीनानाथ एक चप्पल की दुकान से मैरिज हाउस और शोरूम का मालिक बन गया। पुलिस ने एक-एक मामले सामने आने पर 36 मुकदमे दर्ज किए। दोनों की 129 करोड़ की संपत्ति जब्त हुई, मैरिज हाउस पर जीडीए का बुलडोजर चला।